जयपुर में 6 सितम्बर 2026 को आयोजित होगा युवा परिषद् का भव्य 'स्वर्ण जयन्ती महोत्सव'; पीठाधीश स्वस्ति श्री रवीन्द्र कीर्ति स्वामी जी का मिलेगा मंगल सानिध्य
जयपुर (कमलेश जैन) शाश्वत तीर्थ अयोध्या में परम पूज्य गणिनी प्रमुख, आर्यिका शिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी एवं आर्यिका प्रज्ञा श्रमणी श्री चन्दना माताजी के पावन आशीर्वाद से एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। पीठाधीश स्वस्ति श्री रवीन्द्र कीर्ति स्वामी के कुशल निर्देशन व सानिध्य तथा युवा परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन (जम्बूद्वीप हस्तिनापुर) की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् का ऐतिहासिक 'स्वर्ण जयन्ती महोत्सव' आगामी 6 सितम्बर 2026 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा।
इस गौरवशाली कार्यक्रम की आधिकारिक और शुभ घोषणा परम पूज्य श्री ज्ञानमती माताजी के मुखारविंद से की गई। माताजी ने युवाओं की महती शक्ति को सदैव राष्ट्र और समाज हित में आगे बढ़ाते रहने की दिव्य प्रेरणा दी, साथ ही महोत्सव के निर्विघ्न एवं सफल संपादन हेतु अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। बैठक के दौरान पूज्य श्री चन्दना मती माताजी ने संगठन के पदाधिकारियों को मंगल प्रतीक चिन्ह भेंट कर अपना शुभाशीष प्रदान किया।
बैठक की कार्यवाही का कुशल संचालन करते हुए राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने आगामी महोत्सव की रूपरेखा से सभी को अवगत कराया। संगठन को मजबूती देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन ने राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन एवं संयुक्त महामंत्री व राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जैन का तिलक लगाकर और माल्यार्पण कर विशेष अभिनंदन किया तथा भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस मांगलिक अवसर पर 'युवा परिषद् बुलेटिन' के मई 2026 अंक का भव्य विमोचन भी गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया।
इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठक में देश के विभिन्न अंचलों से आए वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सहभागिता की, जिनमें मुख्य रूप से राष्ट्रीय मुख्य संयोजक व प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन (हस्तिनापुर), उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष आदीश जैन (लखनऊ), महामंत्री रितेश जैन (लखनऊ), राष्ट्रीय संगठन मंत्री निधेश जैन (टिकैत नगर), परमेन्द्र जैन (टिकैत नगर) एवं अकलंक जैन (लखनऊ) आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन ने उपस्थित सभी संतों, पदाधिकारियों एवं आगंतुकों का सहृदय आभार व्यक्त किया।


