नीट छात्र प्रदीप माहीच आत्मदाह प्रकरण: शिष्टमंडल के साथ दिल्ली पहुंचे पीड़ित परिजन, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दिया अमित शाह और सीएम भजनलाल से बात कर जल्द न्याय दिलाने का भरोसा
उदयपुरवाटी (सुमेरसिंह राव) सीकर में पढ़ने वाले गुढ़ा बावनी के नीट (NEET) छात्र प्रदीप माहीच के बहुचर्चित आत्मदाह प्रकरण को लेकर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग अब देश की राजधानी तक पहुँच गई है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग मंत्री व प्रखर दलित नेता चिराग पासवान के विशेष निमंत्रण पर सोमवार को एक संघर्ष शिष्टमंडल पीड़ित परिवार के साथ नई दिल्ली पहुँचा और उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की।
- केंद्रीय मंत्री ने दिया 40 मिनट का समय
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शिष्टमंडल को करीब 40 मिनट का समय दिया। उन्होंने मामले की पूरी जानकारी लेने के बाद प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे इस गंभीर विषय पर देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से व्यक्तिगत रूप से बात करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले एक-दो दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को उचित न्याय सुनिश्चित करवाया जाएगा।
मुलाकात के दौरान डेलिगेशन ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखीं:
- पीड़ित परिवार को ₹2 करोड़ की आर्थिक मुआवजा राशि दी जाए।
- मृतक छात्र के आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
- मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
इस संघर्ष शिष्टमंडल का नेतृत्व आदिवासी श्री मीन सेना के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश मीणा किशोरपुरा, उदयपुरवाटी के विधानसभा प्रत्याशी संदीप जी सैनी, युवा नेता रवींद्र सिंह पोंख और लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूरज कुमार बुराड़िया ने किया।
इसके साथ ही पूर्व सरपंच व गुर्जर नेता शीशराम खटाना, मदनलाल पाहाडीला, लोजपा के जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह शेखावत, सुरेश पाल, विजेन्द्र पाल, पवन सैनी, अनिल सैनी और सुरेश गुर्जर चवंरा भी मौजूद रहे। पीड़ित परिवार की ओर से मृतक छात्र के पिता राजेश मेघवाल, चचेरे भाई श्रवण कुमार गुढ़ा और भाई वीरेंद्र कुमार उपस्थित थे।


