प्राचीन धरोहर के संरक्षण के साथ परिक्रमार्थियों के लिए बेहतर जन सुविधाएं की जावे विकसित - लखावत
डीग (नीरज जैन) डीग जिले के पौराणिक महत्व के स्थलों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और परिक्रमार्थियों के लिए जनसुविधाओं के विस्तार की कड़ी में गुरुवार को राजस्थान धरोहर प्राधिकरण, जयपुर के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत एवं जिला कलेक्टर डीग मयंक मनीष ने पूंछरी में संचालित तथा भविष्य के लिए प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों की धरातलीय प्रगति का व्यापक जायजा लिया। पूंछरी क्षेत्र के प्राचीन एवं सांस्कृतिक स्वरूप को पूर्णतः अक्षुण्ण रखते हुए श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान पूंछरी क्षेत्र के कायाकल्प के लिए तैयार किए गए वृहद मास्टर प्लान, निर्माण कार्यों की रूपरेखा और विकास के विभिन्न चरणों की लखावत द्धारा व्यापक समीक्षा की गई। क्षेत्र के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों, ऐतिहासिक धरोहरों तथा नागरिक अवसंरचना से जुड़े समस्त आयामों पर विस्तृत विमर्श हुआ। विशेष रूप से आस्था के मुख्य केंद्रों यथा नरसिंह मंदिर परिसर एवं पूंछरी का लौठा मंदिर के आस-पास की व्यवस्थाओं तथा कौथरा गेट सहित मुख्य पहुंच मार्गों के सुदृढ़ीकरण से जुड़े पहलुओं का अवलोकन किया गया।
परिक्रमा मार्ग में सुनियोजित प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, मुख्य प्रवेश प्लाजा के भव्य स्थापत्य, सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाती कलाकृतियों व स्कल्पचर्स की स्थापना, वर्षा जल के कुशल प्रबंधन हेतु सुदृढ़ जल निकासी प्रणाली तथा सड़क मार्गों के जीर्णोद्धार से संबंधित संपूर्ण कार्ययोजना और उनकी व्यावहारिक उपयोगिता को रेखांकित करते हुए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने निरीक्षण के दौरान प्राचीन विरासतों के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक जनसुविधाओं के इस प्रकार समावेशन पर विशेष बल दिया, जिससे इस पावन स्थल की मूल आध्यात्मिक आभा और ऐतिहासिक महत्ता को कोई क्षति न पहुंचे। वहीं जिला कलेक्टर ने विकास कार्यों से जुड़े समस्त विभागीय अधिकारियों और कार्यकारी एजेंसियों को निर्देशित किया कि संपूर्ण निर्माण व सौंदर्यीकरण कार्यों को निर्धारित तकनीकी मापदंडों, सर्वोत्कृष्ट गुणवत्ता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ समयबद्ध तरीके से निष्पादित किया जाए।


