भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) कौशल विकास एवं रोजगार के क्षेत्र में भरतपुर को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल करते हुए स्किल डवलपमंेट फॉर यू कार्यक्रम के तहत स्थानीय जरूरतों, युवाओं की क्षमता व हॉबी के अनुसार कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जायेगें। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा इसके लिए युवाओं को अलग-अलग विद्याओं में प्रशिक्षित करने के साथ रोजगार के लिए कैरियर कॉउसलिंग भी की जायेगी।
कौशल विकास मंत्रालय भारत सरकार के एडवाईजर सेवानिवृत आईएएस डॉ. आईवी सुब्बाराव ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन के साथ बैठक कर कौशल विकास एवं रोजगार की वर्तमान स्थिति के बारे में फीडबैक लिया। इस अवसर पर जिला कलक्टर कमर चौधरी, सीईओ जिला परिषद मृदुलसिंह सहित संबन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। डॉ. सुब्बाराव ने कहा कि कौशल विकास मंत्रालय द्वारा उत्तरप्रदेश के बागपत एवं राजस्थान के भरतपुर जिले को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित कर स्किल डवलपमेंट फॉर यू कार्यक्रम के तहत युवाओं के हुनर को निखार कर वर्तमान जरूरतों के अनुसार जॉबरोल के लिए तैयार किया जायेगा। उन्होंने बताया कि विकसित भारत 2047 तक युवाओं को कौशल विकास के क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाने के लिए वर्तमान जरूरतों के अनुसार औद्योगिक क्षेत्रों, सेवा क्षेत्र एवं कृषि उद्यमिता के लिए कार्यक्रम चलाया जायेगा। उन्होंने सभी विभागों को स्थानीय उद्यमिता, सेवा क्षेत्र, कृषि, डेयरी, पर्यटन व हैल्थ सेक्टर में जॉब के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम की बृहद प्लानिंग तैयार करने के निर्देश दिए।
डॉ. सुब्बाराव ने कहा कि भरतपुर में 15 से 30 साल के युवाओं का डाटाबेस तैयार कर स्थानीय युवाओं के कौशल विकास की क्षमताओं, रूचि एवं जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण के लिए तैयारी करें। विभिन्न क्षेत्रों, सरकारी सेवाओं, स्वरोजगार, औद्योगिक क्षेत्रों, पर्यटन एवं कृषि व लघु दस्तकारी के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के विकल्प का डाटा भी तैयार करें। उन्होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज में वर्तमान जरूरतों के अनुसार नवीन ट्रेड की आवश्यकताओं के बारे में चर्चा की। स्कूल व कॉलेज स्तर पर कैरियर काउंसलिंग, कृषि, उद्यानिकी एवं डेयरी के क्षेत्र में नवीन तकनीकियों का विस्तार के बारे में जिले में संभावनाओं का डाटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में अलग-अलग उपखंडवार रोजगार के साधन एवं जरूरतों के साथ ही नागरिकों को वर्तमान में रोजगार प्रदाताओं का डाटा का अध्ययन कर युवाओं के लिए प्लानिंग करने का सुझाव दिया।
जिला कलक्टर कमर चौधरी ने बताया कि युवाओं के कौशल विकास के साथ ही रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिलें इसके लिए सभी विभाग विस्तृत योजना बनाकर मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप भरतपुर के युवा विभिन्न विधाओं में कौशल विकास कर देशभर में अग्रणी बनें इसके लिए नवीन जरूरतों के अनुसार युवाओं को कैरियर काउंसलिंग कर तैयार करें। उन्होंने कहा कि टीटीजेड एवं एनसीआर के कारण नवीन उद्योग स्थापना की परेशानियों को देखते हुए कृषि एवं डेयरी आधारित उद्योगों को प्लान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्तर पर सभी प्रकार की सूचनाओं के आदान-प्रदान एवं समन्वय के लिए आरएसएलडीसी एवं रोजगार विभाग के अधिकारियों को नोडल के जिम्मेदारी देते हुए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
सीईओ जिला परिषद मृदुल सिंह ने जिले के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उपखंडवार भौगोलिक स्थिति के अनुसार रोजगार के अवसर एवं कौशल विकास के लिए किये गये कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने जिले में कृषि आधारित उद्योगों एवं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार व स्वरोजगार के लिए प्लानिंग करने का सुझाव दिया। इस अवसर पर जिला प्रबंधक राजीविका भारती भारद्वाज, उप निदेशक रोजगार रघुवीर सिंह मीणा, महाप्रबंधक उद्योग केन्द्र सीएम गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।