बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या करने और नकदी-सामान चोरी करने के मामले में पुलिस ने दो को पकडा
अलवर (अनिल गुप्ता) अलवर कोतवाली थाना पुलिस, जिला स्पेशल टीम और साइबर सेल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर वारदात का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को डिटेन कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट इस प्रकार है:
12 घंटे में वारदात का पर्दाफाश, 2 आरोपी हिरासत में
अलवर जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि खदाना मोहल्ला में बुजुर्ग दिनेशचंद अग्रवाल की हत्या के मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार और वृत्ताधिकारी अंगद शर्मा के सुपरविजन में विशेष टीमों का गठन किया गया था।
पुलिस टीमों ने बिना रुके लगातार 12 घंटे तक कड़ी मशक्कत की, दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण की मदद से करण (20 वर्ष) पुत्र रामजीलाल, निवासी गली नंबर 7, दारुकुटा मोहल्ला, अलवर तथा तेजू उर्फ तेजपाल (20 वर्ष) पुत्र अशोक, निवासी सरकारी क्वार्टर, मालवीय नगर, अलवर को गिरफ्तार कर लिया।
घटनाक्रम के अनुसार दिनांक 10 जुलाई 2026 को खदाना मोहल्ला निवासी विकास कुमार अग्रवाल ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके पिता दिनेशचंद अग्रवाल मौहल्ले में ही अपने पुराने पैतृक मकान में अकेले रहते थे। वे केवल खाना खाने अपने बेटे के पास आते थे और बाकी समय पुराने मकान पर ही रहते थे।
विकास कुमार ने बताया कि उनके पिता अमूमन रात 9:30 बजे खाना खाने आते थे। जब वे रात को खाना खाने नहीं पहुंचे, तो विकास ने उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की। फोन नहीं लगने पर जब वे पुराने मकान पर पहुंचे, तो दरवाजा अंदर से बंद था।
जब दूसरी चाबी से ताला खोलकर जब बेटा घर के अंदर गया, तो देखा की दिनेशचंद के दोनों हाथ, पैर और मुंह कपड़े से बंधे हुए थे और वे बेसुध पड़े थे। जब शरीर को हिलाकर देखा तो उनकी मौत हो चुकी थी। अज्ञात बदमाश घर में घुसकर हत्या करने के बाद वहां रखी नकदी और सिक्के भी समेट ले गए थे।
20 घंटे बाद लगा घटना का पता, डॉग स्क्वायड ने की जांच
चूंकि बुजुर्ग घर में पूरी तरह अकेले रहते थे, इसलिए इस खौफनाक वारदात का पता घटना होने के करीब 20 घंटे बाद तब चला जब उनका बेटा वहां पहुंचा। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस के आला अधिकारियों सहित एफएसएल , एमओबी टीम, तकनीकी टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया। सभी टीमों ने बारीकी से मौका मुआयना कर साक्ष्य जुटाए, जिसके बाद कोतवाली थाने में मुकदमा नंबर 373/2026 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया और बारह घंटे में आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।


