ग्रामीण सेवा शिविर 2026 बना समाधान का माध्यम, वर्षों पुरानी भूमि विभाजन की समस्या का हुआ निस्तारण
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) ग्रामीण सेवा शिविर 2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच साबित हो रहा है। उपखंड रूपवास की ग्राम पंचायत विनऊआं में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में विनऊआं निवासी करन पुत्र प्रेमशंकर एवं उसका भाई सहखातेदार शिवम की वर्षों पुरानी भूमि विभाजन संबंधी समस्या का मौके पर ही समाधान कर राहत प्रदान की गई।
करन ने बताया कि खातेदारी भूमि का विभाजन लंबे समय से लंबित होने के कारण उन्हें विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। समस्या के समाधान नहीं होने से परिवार को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसी दौरान पटवारी हल्का द्वारा उन्हें ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने शिविर में पहुंचकर विभाजन संबंधी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
शिविर में उपस्थित उपखंड अधिकारी एवं शिविर प्रभारी विष्णु बंसल तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। संबंधित पटवारी को मौके पर ही सहमति विभाजन प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। आवश्यक जांच एवं दस्तावेजों के परीक्षण के बाद तहसीलदार द्वारा सहमति विभाजन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। एक ही दिन में पूरी प्रक्रिया संपन्न होने से करन एवं सहखातेदार शिवम को बड़ी राहत मिली। उन्होंने कहा कि जिस कार्य के लिए वे लंबे समय से परेशान थे, वह ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से सरल, पारदर्शी और त्वरित तरीके से पूरा हो गया।
करन ने राजस्थान सरकार, जिला प्रशासन एवं राजस्व विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने शिविर में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से ग्रामीणों को घर के निकट ही सरकारी सेवाओं का लाभ मिल रहा है और उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो रहा है।


