कोरोना व एपिडैपिक अध्यादेश की उड रही धज्जियां

Jun 29, 2020 - 01:17
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कोरोना व एपिडैपिक अध्यादेश की उड रही धज्जियां

बयाना भरतपुर

बयाना 28 जून। कोरोना संकट के चलते लोकडाउन हटाने के बाद अब अनलोक शुरू होने के साथ ही सरकार की ओर से जारी किए गए ऐपिडैपिक अध्यादेश व कोरोना नियंत्रण नियमों एवं सोशल डिस्टैसिंग की पालना के आदेशों की भी कई बेपरवाह लोग ओर दुकानदार अपने निजी स्वार्थो के वशीभूत होकर उनकी धज्जियां उडाने में अपनी शान और रूतबा समझ रहे है। ऐसे नादान लोगों को शायद यह नही मालूम कि वह अपने और अपने परिवार की जान के लिए कितना बडा खतरा मोल ले रहे है। लोकडाउन के दरम्यान जिस तरह पुलिस, प्रशासन व मेडीकल विभाग सहित विभिन्न विभागों के तमाम कोरोना वारियर्स ने बडी सजगता, निष्ठा व तत्परता से काम किया था और लोगों की ओर से भी उनके इस काम की मुक्त कंठ से सराहना की गई थी। वैसे ही अनलोक के बाद तो उन्ही विभागों व तमाम कोरोना वारियर्स ने मानों अपनी ड्यूटी तभी पूरी कर जनता को भगवान भरोसे छोड दिया है और हलवाईयों व खोमचे वालों एवं फल सब्जी वालों सहित कई दुकानदार व आमजन में से काफी लोगों ने भी यह मान लिया है कि मानों जैसे अब वह बिलकुल आजाद हो गए है और कोरोना उनके लिए जैसे छूमंतर हो गया है और उससे बचने से संबंधित नियमों की पालना करने की जरूरत ही नही है। ऐसा ही नजारा कस्बे के बाजारों व सब्जी मंडी में रोजाना देखा जा रहा है।

बयाना कस्बे में यह हालात तो तब है जब बीते सप्ताह में ही यहां दो दर्जन से अधिक कोरोना पाजिटिव के मामले सामने आ चुके है। इससे पहले भी कस्बे में 107 कोरोना पोजिटिव मामले आने पर बयाना कोरोना होट्स्पोट  बन गया था। जिसकी प्रदेश भर में काफी चर्चाऐं रही थी। बाजारों में कई हलवाई व खौमचे वाले अपनी दुकानों को प्रशासन के निर्देशानुसार सुबह 9 बजे बाद खोलने के बजाए सुबह 6 बजे ही खोलकर दुकानदारी शुरू कर देते है। कोरोना नियंत्रण के तहत होटल रेस्टोरंेट, हलवाईयों व खौमचे वालों के यहां बैठकर या खडे होकर खाने पीने पर प्रतिबंध है। उपभोक्ता केवल खरीदी गई खाध वस्तुओं को पैक करवाकर घर ले जा सकता है। जबकि यहां कई खोमचे वाले व हलवाई ,होटल व रेस्टोंरेंट संचालक ऐपीडैपिक अध्यादेश एवं शासन प्रशासन के निर्देशों की धज्जियां उडाते हुए पहले की तरह सामान्य रूप से सभी सेवाऐं उपलब्ध करवा रहे है। कस्बे के गांधीचैक पर भी कई खोमचे वाले व हलवाईयों एवं ठेले वालों सहित बाजारों में भी रोजाना ऐसे ही दृश्य देखे जा रहे है जिससे कस्बे के नागरिकों में काफी चिंता का माहौल है। यहां की सब्जी मंडी में भी रोजाना तडके 4.30 बजे से ही थोक मंडी की ऐसी भीड जमा होती है कि देखने वाले घबरा जाए। सब्जी मंडी में व बाजारों में हलवाईयों और खोमचों, रेस्टोरेंट संचालकों सहित कई तंबाकू गुटखा कारोबारीयों की ओर से उडाई जा रही कोरोना नियंत्रण नियमों व ऐपिडैपिक अध्यादेश की धज्जियां को लेकर स्थानीय पुलिस, प्रशासन व मैडीकल विभाग सहित नगरपालिका एवं कृषि उपज मंडी समिती के अधिकारीयों को भी अवगत कराया गया है। किन्तु अभी तक ऐसे लोगों के विरूद्ध कोई कार्रवाही नही की जा सकी है जिससे ऐसे लोगों के हौंसले बुलंद है और आमजन की जान खतरे में पडी हुई है। सेनेटाइजर, मास्क व सोशल डिस्टैंसिंग की पालना करने में भी भारी लापरवाही देखी जा रही है। जिसे अभी नही रोका गया तो कोरोना पोजिटिव मरीजों की संख्या कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ सकती है।

बयाना संवाददाता राजीव झालानी की रिपोर्ट

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