महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं डॉ. मोनिका विजय; पीएचडी के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान
अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका में नीमला की शिक्षिका डॉ. मोनिका विजय के तीन लेख प्रकाशित, क्षेत्र में हर्ष का माहौल
राजगढ़ (अलवर) अनिल गुप्ता
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहीं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नीमला की अध्यापिका डॉ. मोनिका विजय ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। विगत एक वर्ष से विद्यालय में कार्यरत डॉ. मोनिका के तीन शोध लेख अंतरराष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त 'इंटरनेशनल जर्नल' में प्रकाशित हुए हैं। उनकी इस उपलब्धि से न केवल विद्यालय परिवार, बल्कि पूरे नीमला गांव और राजगढ़ क्षेत्र में गौरव का माहौल है।
महिला सशक्तिकरण पर रहा है विशेष ध्यान डॉ. मोनिका विजय हमेशा से बालिकाओं की शिक्षा और महिलाओं को समाज में सशक्त बनाने के लिए अग्रणी भूमिका निभाती रही हैं। इससे पूर्व उन्होंने “राजस्थान में महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता: अलवर जिले की राजगढ़ और उमरैण पंचायत समितियों का अनुभवमूलक अध्ययन” विषय पर गहन शोध करते हुए पीएचडी की उपाधि हासिल की थी। उनका यह अध्ययन अलवर जिले में धरातल पर महिला सशक्तिकरण की स्थिति को दर्शाने वाला एक अहम दस्तावेज है।
बालिकाओं के लिए बनेंगी प्रेरणा स्त्रोत इंटरनेशनल जर्नल में तीन शोध पत्र एक साथ प्रकाशित होने को स्थानीय शिक्षाविदों और ग्रामीणों ने बहुत बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका मानना है कि डॉ. मोनिका का यह प्रयास गांव की बालिकाओं में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के प्रति एक नई जागृति लाने का काम करेगा।
शिक्षिका की इस सफलता पर विद्यालय स्टाफ, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

