सम्पूर्ण दिगम्बर जैन समाज के लिए भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी-मुम्बई तीर्थक्षेत्रों के प्रति समर्पित

Jul 5, 2025 - 15:09
 0
सम्पूर्ण दिगम्बर जैन समाज के लिए भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी-मुम्बई तीर्थक्षेत्रों के प्रति समर्पित

जयपुर (कमलेश जैन)  सम्पूर्ण दिगम्बर जैन समाज के लिए एक सिरमौर संस्था बनकर तीर्थक्षेत्रों के प्रति समर्पित ‘‘भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी-मुम्बई’’ एक ऐसी संस्था है, जिसकी स्थापना 22 अक्टूबर सन् 1902 में हुई। तब से लेकर लगातार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए यह संस्था विभिन्न कार्यकालों में विभिन्न अध्यक्षों व पदाधिकारियों के नेतृत्व से गुजरते हुए आज हम सबके समक्ष अपने 125वें वर्ष के पायदान पर सूर्य के समान देदीप्यमान हो रही है। हमारेअस्तित्व का मूल आधार हमारी प्राचीन विरासत ही होती है। अब चाहे हम अपने परिवार, वंश, समाज, परम्परा, गुरु, तीर्थ या अन्य कोई भी विषय को दृष्टिगत करें, सभी पृष्ठभूमि में हमारी प्राचीनता ही मूल आधार के रूप में हमें नजर आती है। ठीक इसी प्रकार वर्तमान में यदि जैन समाज, धर्म या संस्कृति की बात करें, तो इनके पीछे भी हमारी प्राचीन विरासत ही हमारी ढाल बनकर हमारा संरक्षण करती है ।और हमें आगे बढ़ाती है। अब इस बात का चिंतन करें कि यदि हमारे पास हमारी प्राचीन धरोहर, परम्परा, मान्यताएं अथवा वंशावली आदि न होवें, तो क्या हम आज के अस्तित्व को प्राचीन सिद्ध कर पायेंगे ? नहीं, ऐसा हम कदाचित नहीं कर पायेंगे। तो इसके लिए हमें अपनी प्राचीनता को बचाए रखना और भविष्य के लिए वर्तमान को बचाये रखना परम आवश्यक होता है। 
अब यदि हमनें आज अपनी प्राचीनता को सहेज कर रखा है, तो इसके पीछे अपने पूर्वजों के बड़े योगदान, समर्पण, बलिदान से सब कुछ संभव हुआ है, जिसके कारण आज हमें सर उठाकर, सीना तानकर, गर्व से जैनत्व के प्रति गौरवान्वित होने का अवसर प्राप्त हुआ है। अब वो पूर्वज कौन हैं, जिन्होंने ये सब कार्य किये हैं, इस पर यदि हम वर्तमान परिवेश में विचार करें, तो आज हम सबके लिए ‘‘भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी’’ एक लौह स्तंभ बनकर विगत 125 वर्षों से खड़ी है। जिसके अहर्निश प्रयासों से, कार्यकलापों से आज हम सब अपने तीर्थक्षेत्रों के प्रति एक दायित्व निभाते हुए संरक्षण, संवर्धन और विकास का कार्य कर पा रहे हैं। 
आज भी जिन तीर्थक्षेत्र पर विवाद की स्थितियाँ हैं, उन सबके संरक्षण के लिए तीर्थक्षेत्र कमेटी सर्वप्रथम आकर देशव्यापी समर्पण के साथ कार्य करती है। सम्मेदशिखर जी का विवाद हो, गिरनार का हो, शिरपुर का हो अथवा अन्य कोई भी विवादों के घेरे में हमारे तीर्थ घिरे हों, तो उनके समक्ष तीर्थक्षेत्र कमेटी हमेशा से एक ऐसा बांध बनकर खड़ी रहती है कि जिसके अस्तित्व को कोई पराजित नहीं कर पाता है। ये ठीक उसी प्रकार है, जैसे भीषण आंधी और तूफान में एक नाव के लिए नाविक और पतवार उसको अडिग बनाये रखने में सफल होते हैं। आज भी अनेक ऐसी स्थितियां हैं, जब न्याय से नहीं अपितु साम-दाम-दण्ड-भेद से हमें अथवा हमारे तीर्थों को पीछे करने के प्रयास किये जाते हैं, लेकिन तीर्थक्षेत्र कमेटी हर संभव अपने दायित्वों को निभाकर किसी के गलत मंसूबों को कामयाब नहीं होने देती है। 
ऐसी तीर्थक्षेत्र कमेटी जहाँ तीर्थों के संरक्षण में अपना अहर्निश योगदान दे रही है, वहीं इस तीर्थक्षेत्र कमेटी के द्वारा सभी प्रान्तीय तीर्थक्षेत्रों के लिए योग्य अनुदान भी दिये जा रहे हैं, जिससे कि हमारे तीर्थक्षेत्रों पर होने वाले विकासीय कार्यों में पुष्प ना हो तो पत्ती के समान ही तीर्थक्षेत्र कमेटी हमेशा विकास को प्रोत्साहित करती रहे। वर्तमान में जहाँ केन्द्रीय कमेटी का कार्यालय मुम्बई में है, वहीं यह तीर्थक्षेत्र कमेटी सम्पूर्ण देश में 9 अंचलीय समितियों के माध्यम से अपने कार्य का व्यापक दायरा बनाती है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश-उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, पूर्वांचल, तमिलनाडु, कर्नाटक, दिल्ली-पंजाब-हरियाणा-जम्बू, ये 9 प्रादेशिक स्तर पर वर्तमान में तीर्थक्षेत्र कमेटी द्वारा प्रत्येक प्रदेश को 20-20 लाख रुपये की राशि अनुदान स्वरूप देकर वहाँ के तीर्थक्षेत्रों के रख-रखाव, संरक्षण, विकास अथवा अन्य व्यवस्थाओं हेतु अपना कदम आगे बढ़ाया है। 
हाल ही में दिनाँक 22 जून 2025 को तीर्थक्षेत्र कमेटी के पदाधिकारी परिषद की एक बैठक सिद्धान्त तीर्थ, शिकोहपुर (गुड़गाँव) में सम्पन्न हुई, जिसमें उक्त निर्णय लेकर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पूर्वांचल, उत्तरप्रदेश, तमिलनाडु जैसे प्रदेशों के विभिन्न तीर्थों पर विकासकार्य किये जाने को मूर्तरूप दिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन-गाजियाबाद की अध्यक्षता में सम्पन्न इस मीटिंग में वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप जैन पी.एन.सी.-आगरा, संजय पापड़ीवाल-औरंगाबाद, महामंत्री  संतोष जैन पेंढारी-नागपुर, कोषाध्यक्ष अशोक जैन दोशी-मुम्बई, मंत्री हसमुख जैन गांधी-इंदौर, मंत्री डॉ. जीवन प्रकाश जैन-हस्तिनापुर तथा प्रान्तीय पदाधिकारियों में उत्तरप्रदेश-उत्तराखंड अध्यक्ष जवाहरलाल जैन-सिकन्द्राबाद, मध्यप्रदेश अध्यक्ष  डी.के. जैन-इंदौर, महामंत्री राजकुमार घाटे-इंदौर, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष  प्रद्युम्न कुमार जैन-दिल्ली, तमिलनाडु अध्यक्ष संजय जैन ठोलिया व साथ में श्री दिनेश सेठी तथा कमेटी के मुख्य प्रबंधक  उमानाथ दूबे आदि उपस्थित हुए। 
 भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी अपने विकासीय एवं तीर्थ संरक्षण के एजेंडा के साथ आगामी 22 अक्टूबर 2026 से लेकर 21 अक्टूबर 2027 तक 125 वें स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर ‘‘शतकोत्तर रजत स्थापना वर्ष’’ भी मना रही है। उक्त समारोह जम्बू स्वामी दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र, चौरासी (मथुरा) उ.प्र. से शुभारंभ किया जायेगा। आशा है तीर्थक्षेत्र कमेटी अपने सवासौ वर्षीय इस कार्यकाल का इतिहास समाज के समक्ष अनेक उपलब्धियों के साथ रखते हुए पुन: आगामी शतक के लिए पूर्ण जोश-उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा लिये कदम दर कदम उन्नति के साथ जैन धर्म, समाज और संस्कृति के प्रति सदैव समर्पित रहेगी। 
शतकोत्तर रजत स्थापना वर्ष के आयोजन हेतु समाज के बहुत ही अनुभवी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता जवाहरलाल जी जैन-सिकन्द्राबाद को इस कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, हम सबका दायित्व है कि हम तन-मन-धन से उनका सहयोग कर आयोजन को सफल बनाने में अपनी महती भूमिका निभाएं।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी GEXPRESSNEWS54@GMAIL.COM या वाट्सएप न 8094612000 पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................