पुलिस अधीक्षक की भावुक विदाई, हुआ नागौर स्थानांतरण
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
भरतपुर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा का नागौर स्थानांतरण होने के बाद सोमवार को पुलिस लाइन में उनका भावुक विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में भव्यता का खासा नज़ारा देखने को मिला, जब कच्छावा को घोड़े पर सवार कर बैण्ड-बाजों के साथ पुलिस लाइन से पुलिस अधीक्षक निवास तक विदाई दी गई। पूरे रास्ते उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया गया और पुलिसकर्मियों ने तालियों व जयकारों के साथ "सर, यू आर द बैस्ट" के नारे लगाए। पुलिसकर्मियों ने कहा कि मृदुल कच्छावा ने कभी उन्हें कोई कमी महसूस नहीं होने दी। वे एक अफसर नहीं, बल्कि परिवार के मुखिया की तरह पूरी पुलिस टीम के साथ जुड़े रहे। उनके नेतृत्व में जिले की कानून-व्यवस्था मजबूत रही और पुलिस की कार्यशैली में अनुशासन के साथ-साथ सम्मान का भाव भी झलका। विदाई समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक कच्छावा भी भावुक नजर आए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "भरतपुर का पुलिस बल सबसे बेहतर है। यहां सभी ने टीम भावना से काम किया। क्राइम कंट्रोल में सिपाही से लेकर अफसर तक हर किसी की भूमिका अहम रही। स्थानांतरण एक नियमित प्रक्रिया है, लेकिन भरतपुर पोस्टिंग मेरे लिए एक सीख और अनुभव से भरपूर रही। भरतपुर पुलिस मेरा परिवार है और यहां की यादें हमेशा साथ रहेंगी।" गौरतलब है कि मृदुल कच्छावा का हाल ही में नागौर पुलिस अधीक्षक के पद पर तबादला हुआ है। भरतपुर में उनके कार्यकाल को बेहद सकारात्मक और प्रभावी माना गया, खासकर कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही के दृष्टिकोण से। विदाई समारोह में जिले के पुलिस अधिकारियों, जवानों और स्टाफ ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके साथ बिताए गए पलों को साझा किया। समारोह में आत्मीयता, सम्मान और भावनाओं का संगम देखने को मिला।