कावड़ यात्रा के दौरान हुए हादसे को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन ) तहसील क्षेत्र के बिचगांवा में बुधवार को कांवड़ यात्रा के दौरान हुए हादसे पर लोगों की कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग बिजली विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जबकि कुछ का कहना है कि कांवड़ियों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। पूर्व में शिकायत करने के बाद भी कई लोगों का कहना है कि बिजली विभाग ने हाईटेंशन तारों की जांच नहीं की, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
कांवड़ियों को सतर्कता, कुछ लोगों का कहना है कि कांवड़ियों को भी डीजे और अन्य वाहनों को चलाते समय सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर जब यात्रा में बिजली के तार आसपास हों।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल कुछ लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि प्रशासन को कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। इस घटना के बाद, कल बुधवार को ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की ,मौके पर वन मंत्री संजय शर्माऔर प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है। बिजली विभाग के दो कर्मचारीयों को निलंबित कर दिया गया है।
इधर जिला कांग्रेस कमेटी के जिला सचिव इकबाल खान लक्ष्मणगढ़ ने कहां ऐसे मामलों में केवल फील्ड अभियंता और हेल्पर को निलंबित करना ही समाधान नहीं है । क्योंकि क्षेत्र में झूलते तारों से सैकड़ो हादसे होते हैं ।और शासन प्रशासन मुआवजा देकर इति श्री कर लेता है। विद्युत हादसे के जुड़े मामलों में किसी भी अभियंता के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया। ऐसे में कावड़ यात्रा में ऐसी घटना होने की नैतिक जिम्मेदारी राज्य के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को लेनी चाहिए। जबकि धर्म के नाम पर लोगों में जहर फैलाकर सत्ता में आई भाजपा राज्य के मुख्यमंत्री जब तक पवित्र कावड़ यात्रा में हुए हादसे में राज्य के ऊर्जा मंत्री की जिम्मेदारी जब तक तय नहीं करेगे तब तक ऐसे हादसों किसी ने किसी रूप से होते रहेगे।
उल्लेखनीय है लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के बिचगांवा गांव में कांवड़ यात्रा के दौरान वाहन 11 केवी बिजली लाइन से टकरा गया, जिससे करंट फैल गया और दो कांवड़ियों की मौत हो गई और कई घायल अस्पताल में गंभीर रूप से उपचाराधीन है।


