महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय का पंचम दीक्षान्त समारोह

विश्वविद्यालय वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान द्वारा युवाओं में तार्किक एवं रचनात्मक क्षमता विकसित करें - राज्यपाल

Jul 29, 2025 - 14:09
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महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय का पंचम दीक्षान्त समारोह
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय का पंचम दीक्षान्त समारोह माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ किसनराव बागडे की अध्यक्षता में बीडीए ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह के विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा रहे।
राज्यपाल श्री बाडगे ने कहा कि ज्ञान का परिदृश्य पूरे विश्व में तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के चलते विश्वभर में कुशल कामगारों की जरूरत और मांग बढेगी। युवाओं को तार्किक एवं रचनात्मक रूप से सोचते हुये विविध विषयों के बीच अर्न्तसंबंधों और बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में बौद्धिक क्षमता के आंकलन की सुव्यवस्थित पद्धति होनी चाहिए जिससे युवाओं के कौशल एवं ज्ञान का पारदर्शिता से आंकलन हो सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक बीज की भांति है जो निरंतर जीवन को निखारने का कार्य करती है। जिस प्रकार बीज एक पेड़ बनकर समाज को ऑक्सीजन, फल, फूल, छाया, ईंधन आदि देने का कार्य करता है उसी प्रकार शिक्षा प्राप्त करने वाले को भी अपनी ज्ञान का उपयोग समाज को प्रगति में करना चाहिये। शिक्षा का उद्देश्य जीविकोपार्जन तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि इसका उपयोग समाज को दिशा देने एवं उत्थान के लिए होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति एवं पुरातन शिक्षा पद्धति विश्वभर में अग्रणी रही है, उच्च शिक्षा के लिए गुरूकुल परम्परा शोध, अनुसंधान के साथ जीवन के सर्वांगीण विकास का आधार होती थी। उन्होंने कहा कि विश्व विद्यालयों में हमारी पुरातन संस्कृति एवं शिक्षा को संरक्षित करते हुए शोध कार्य को प्रोत्साहन मिले इस दिशा में कार्य करना चाहिए। अनुसंधान नये ज्ञान का सृजन करता है इसे समाज के उत्थान में काम लेकर युवा देश के विकास में भागीदार बनें। 

उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षाविदों को आव्हान किया कि शिक्षा को उन्मुक्त बनाकर अधिक से अधिक फैलाऐं, जितना विस्तार होगा युवाओं में उतना ही बौद्धिक क्षमता का विकास होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को हमारी संस्कृति एवं अनुसंधान पद्धति पर गर्व हो इसके लिए विश्वविद्यालयों को कार्य योजना बनाकर आगे बढने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि न्यूटन ने गुरूत्वाकर्षण का सिद्धांत 16 वीं सदी में दिया था जबकी भास्कराचार्य ने लीलावती ग्रंथ में काफी पहले ही सौरमंडल में गुरूत्वाकर्षण के बारे में बता दिया था। उन्होंने कहा कि जब विश्व में उच्च शिक्षा के लिए 6 विश्वविद्यालय हुआ करते थे उस समय भारत में दो विश्वविद्यालय नालंदा एवं तक्षशिला विद्यमान थे जिनमें विदेशी विद्यार्थी भी विद्या प्राप्त करने आते थे। उन्होंने कहा कि समारोह में बालिकाओं की संख्या अधिक है हर क्षेत्र में नारी शक्ति अपनी पहचान सिद्ध कर रही है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाले आलोक रहे हैं यहीं से ज्ञान का प्रकाश विद्यार्थियों के जरिये चहुंओर फैलता है। उन्होंने कहा कि आचार्य शास्त्रों के ज्ञान के सत्य को अपने विद्यार्थियों में संप्रेषित कर उन्हें बौद्धिक सामर्थ्य के साथ तैयार करें जिससे समाज को नई दिशा मिल सके। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह हमारी प्राचीन संस्कृति की ओर ले जाता है जब गुरूकुल में अध्येता शिक्षार्थी अध्ययन पूरा कर गृहस्थ में प्रवेश करते थे। इसी प्रकार दीक्षांत के बाद विद्यार्थी अपने शिक्षा का उपयोग समाज के विकास एवं उन्नति में लेकर देश-प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के विस्तार एवं नवीन शिक्षा पद्धति के अनुसार सुविधाऐं प्रदान करने के लिये संकल्पित है। उन्होंने उपाधियां एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुये सफलताऐं और उपलब्धियों को समाज को लाभान्वित करने का आव्हान किया। 

कुलगुरू प्रोफेसर त्रिभुवन शर्मा ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में बताते हुये कहा कि भरतपुर, डीग एवं धौलपुर जिले के 171 कॉलेज जुडे हुये हैं। विश्वविद्यालय प्रगति के पथ पर बढते हुये नवीन संकाऐं निरन्तर शुरू कर रहे है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव चव्वन सिंह जौरवाल ने समारोह का संचालन करते हुये दीक्षार्थियों एवं अतिथियों को आभार व्यक्त किया।

दीक्षांत समारोह
दीक्षांत समारोह में चांसलर गोल्ड मेडल श्रुति जैन को, स्वर्ण पदक जगवंत राय बंसल मेडल स्वाति शर्मा को, श्रीमति सुफाल माला बंसल मेडल पायल को, हाकिम सिंह त्यागी मेडल प्रियंका सिंहोलिया को एवं देवरिशु चौहान को दिया गया। समारोह में 36 स्वर्ण पदक, 8 सिल्वर पदक प्रदान किये गये तथा 15 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।   इस अवसर पर संभागीय आयुक्त डॉ. टीना सोनी, जिला कलक्टर कमर चौधरी, जिला कलक्टर डीग उत्सव कौशल, पुलिस अधीक्षक दिगंत आन्नद, आयुक्त बीडीए कनिष्क कटारिया, सीईओ जिला परिषद मृदुल सिंह, जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा, विश्वविद्यालय के डॉ. अरूण पाण्डे, डॉ. फरगट सिंह सभी डीन, प्रोफेसर उपस्थित रहे।

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