मेजा बांध छलकने को ढाई कदम दूर, जलस्तर 28.40 फीट पहुंचा, कोठारी का पानी बन्द, मेजा फीडर नहर ने आस तोड़ी,उमस ने किया परेशान
गुरला (सत्यनारायण सेन)
गुरलां/भीलवाड़ा जिले में इन दिनों बारिश का दौर थम गया है, लेकिन जलाशयों में पानी की आवक बनी हुई है। 30 फीट भराव क्षमता वाला मेजा बांध का जलस्तर गुरूवार को 28.40 फीट पर पहुंच गया।
मेजा बांध में 2.6 फिट पानी की जरूरतम - मेजा बांध छलकने से मात्र 2.6 फीट खाली है। मेजा बांध भरने में इस समय मातृकुंडिया बांध से मेजा फीडर से निरंतर पानी आ रहा है।
मेजा फीडर नहर का पानी मेजा में नहीं पहुंच रहा- भीलवाड़ा जिले के भुणास - बाघ पुरा के पास मोती बहाला में फिडर के साइफन पर बिजली गिरने से टुट गई जिससे पानी मेजा बांध में नहीं पहुंच रहा है जबकि कोठारी नदी की आवक काफी कम हो गई है। या बन्द हो गईं।
मेजा फीडर नहर टूटने से मेजा बांध में आवक कम हुई- मातृकुंडिया बांध से मेजा फीडर से आ रही जलधारा के कारण मेजा बांध में पानी की स्थिति बेहतर बनी हुई है। यदि मेजा फीडर नहर से लगातार पानी पहुंचता नहर फुटती नहीं तो बांध छलकने लगता हालांकि बांध का फैलाव बड़ा होने से इसे छलकने के लिए अभी और पानी की आवश्यकता है।
मातृकुंडिया बांध में लगातार आवक बनी हुई पर मेजा बांध में नहीं पहुंच रहा पानी- चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुंडिया बांध के दो गेट खोल कर पानी बनास नदी में लगातार छोड़ा जा रहा हैं। बारिश थमने के साथ ही तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
जिम्मेदारों का ध्यान नहीं - मेजा फीडर नहर टुटने पर भीलवाड़ा जिले के जनप्रतिनिधि व अधिकारी का इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे पानी मेजा फीडर द्वारा मेजा बांध में पानी नहीं पहुंच रहा है क्योंकि यहां के जिम्मेदार लोगों का मेजा बांध भरने में मेजा फीडर नहर की मरम्मत कार्य शीघ्र कराने में जिम्मेदार से मुंह मोड़ लिया ।
आगे मौसम का हालः- मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की विदाई अभी कुछ दिन रुक सकती है। 21 सितंबर के बाद मानसून के तेजी से पीछे हटने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश कम होगी, लेकिन हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रहेगा। दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी बूंदाबांदी हो सकती है।


