जालिया गांव के प्रताड़ित किसानों की चेतावनी के बाद कलेक्टर के आदेश पर खनिज विभाग ने अस्थायी रूप से ब्लास्टिंग पर लगाई रोक
भीलवाड़ा : राजकुमार गोयल
भीलवाड़ा, 19 सितंबर 2025 – राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के जालिया गांव में जिंदल सॉ लिमिटेड द्वारा की जा रही अवैध ब्लास्टिंग और खनन कार्यों के खिलाफ किसानों की चीख-पुकार के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला कलेक्टर के आदेश पर खनिज विभाग ने तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से 627/2005 में सभी ब्लास्टिंग गतिविधियों को स्थगित करने का निर्देश जारी किया है। यह कार्रवाई किसानों के पत्र और 79 दिनों से चल रहे धरने के बाद की गई है, जिसमें सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी भी दी गई थी।
किसानों ने जिला कलेक्टर और भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल को लिखे पत्र में बताया था कि जिंदल कंपनी डीजीएमएस (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी) और जिला न्यायालय भीलवाड़ा के आदेशों का उल्लंघन कर रही है। प्रति होल अधिकतम 2 किलो बारूद के स्थान पर 40-50 किलो का इस्तेमाल, तथा 34 एमएम चौड़ाई वाली ड्रिलिंग के बजाय 120 एमएम चौड़ाई और 12 मीटर गहराई वाली हैवी ब्लास्टिंग से गांव के 50% से अधिक मकान दरारों से तर-बतर हो चुके हैं। हाल ही में 2 सितंबर और 17 सितंबर 2025 को हुई ब्लास्टिंग से बड़े पत्थर खेतों में गिरे, जिससे काम कर रही महिलाओं को जान का खतरा हुआ।
इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर ने तत्काल हस्तक्षेप किया और खनिज विभाग को निर्देश दिए। विभाग ने जिंदल कंपनी को नोटिस जारी कर अस्थायी रोक का आदेश दिया है, ताकि DGMS द्वारा जांच पूरी होने तक ब्लास्टिंग न हो। खनन अभियंता मनीष शर्मा ने पुष्टि की है कि यह रोक तत्काल प्रभावी है और उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।
किसानों ने 205 दिनों के पिछले धरने के बाद हुई वार्ता में बनी शर्तों (जैसे मुआवजा, झूठे मुकदमे वापस लेना और सुरक्षा) का भी पालन न होने का आरोप लगाया था। साथ ही ,किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई भीलवाड़ा में खनन विवादों की लंबी श्रृंखला का हिस्सा है।
प्रताड़ित किसानों ने कहा, “यह अस्थायी राहत है, लेकिन हम स्थायी समाधान चाहते हैं। यदि जांच निष्पक्ष न हुई, तो प्रताड़ित सभी किसान धरना प्रदशन और तेज किया जाएगा जिसकी समस्त ज़िम्मेदारी सरकार की होगी