जिला प्रशासन ने ग्रीन आतिशबाजी बेचने वालों से अस्थाई लाइसेंस के लिए मांगे आवेदन

Oct 18, 2025 - 11:19
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जिला प्रशासन ने ग्रीन आतिशबाजी बेचने वालों से अस्थाई लाइसेंस के लिए मांगे आवेदन

दीवाली पर बाज़ार में मिलने वाले नकली ग्रीन पटाखों से बचना बहुत जरूरी है। असली ग्रीन पटाखे की पहचान करना बेहद आसान है। सबसे पहले, पैकेट पर सीएसआईआर-नीरी ग्रीन क्रैकर्स का हरा लोगो ज़रूर देखें। यह इसकी असलियत की पहचान है। पैकेट पर दिए गए क्यूआर कोड को अपने फोन में सीएसआईआर नीरी ग्रीन क्रैकर वेरिफिकेशन ऐप से स्कैन करें। स्कैन करते ही आपको पटाखा बनाने वाली कंपनी का नाम, लाइसेंस नंबर और केमिकल की जानकारी मिल जाएगी।

अगर जानकारी न मिले, तो समझिए पटाखा नकली है। इसके अलावा, पैकेट पर ''नीरी अप्रूव्ड'' या ''ग्रीन क्रैकर'' जैसे शब्द और कंपनी का पूरा पता व लाइसेंस नंबर साफ लिखा होना चाहिए। इन बातों का ध्यान रखकर आप आसानी से असली ग्रीन पटाखे खरीद सकते हैं और प्रदूषण मुक्त दीवाली मना सकते हैं। भास्कर न्यूज़ | भरतपुर भरतपुर और डीग जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब वह जमकर बम-पटाखें चला सकेंगे। इससे न ज्यादा प्रदूषण होगा और ना ही स्वास्थ्य कोई नुकसान होगा। साथ पटाखा बेचने वालों को भी पुलिस नहीं पकड़ेगी।

ग्रीन आतिशबाजी बेचने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अस्थाई लाइसेंस लेने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। यह आवेदन शनिवार को दोपहर एक बजे तक नगर निगम कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे। लाइसेंस की अवधि 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक होगी। उल्लेखनीय है कि भरतपुर के एनसीआर में शामिल होने के बाद यहां आतिशबाजी की बिक्री पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई थी।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर राहुल सैनी ने बताया कि अस्थाई लाइसेंस लेने के लिए आवेदन के साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, पुलिस सत्यापन, वोटर आईडी, दो फोटो, जन्मतिथि प्रमाण पत्र, पूर्व लाइसेंस की प्रति (यदि कोई है) एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है। नगर निगम द्वारा चिन्हित भूखंडों का आवंटन लॉटरी प्रणाली से किया जाएगा।

पटाखा विक्रेताओं के लिए फायर टेंडर, पानी, प्रकाश और सफाई की व्यवस्था नगर निगम द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। अस्थाई अनुज्ञापत्र के लिए निर्धारित शुल्क बैंक चालान या नकद जमा कराना होगा। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि चिन्हित स्थानों के अलावा अन्यत्र पटाखा विक्रय प्रतिबंधित होगा। अनुज्ञप्ति के बिना ग्रीन आतिशबाजी के अलावा किसी भी प्रकार की पटाखा बिक्री पर कड़ी कार्रवाई होगी। परिसर में धूम्रपान निषेध रहेगा और सुरक्षा उपाय जैसे Fire Extinguishers, पानी आदि का इंतजाम अनुज्ञापत्र धारक द्वारा करना अनिवार्य है। विस्फोटक नियम 2008 और इसके संशोधनों का पूर्ण पालन करना आवश्यक है। नगर निगम ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि दीपावली पर केवल लाइसेंसधारी ग्रीन आतिशबाजी ही खरीदें और बेचें।

ये पटाखे जलने पर कम धुआँ, कम विषैली गैसें और कम शोर पैदा करते हैं, जिससे वायु और ध्वनि प्रदूषण का स्तर काफी हद तक कम हो जाता है। इनमें हानिकारक रसायनों की कमी के कारण इनसे होने वाले स्वास्थ्य संबंधी जोखिम, जैसे कि सांस की बीमारियां और आँखों में जलन, कम होते हैं। इनके उपयोग से मिट्टी और जल के प्रदूषण पर भी नियंत्रण रहता है, क्योंकि इनके अवशेष कम हानिकारक होते हैं। कम शोर और बदबू के कारण ये सड़कों के पशुओं और पक्षियों पर पड़ने वाले तनाव को कम करते हैं।

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