अंता में दिखी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की अनूठी मिसाल; अंबेडकर जयंती समिति ने किया नमाजियों का भव्य स्वागत
अंता (शफीक मंसूरी)। बारां जिले के अंता कस्बे में गुरुवार को कौमी एकता और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की एक बेहद खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। यहां ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मुकद्दस मौके पर डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह आयोजन समिति, अंता के पदाधिकारियों और सदस्यों ने ईदगाह की ओर नमाज अदा करने जा रहे मुस्लिम भाइयों का पलक-पावड़े बिछाकर भव्य स्वागत व सम्मान किया।
समिति के अध्यक्ष जगदीश पंवार ने इस सौहार्दपूर्ण पहल की जानकारी देते हुए बताया कि ईद के पावन पर्व को आपसी प्रेम और सद्भाव के साथ मनाने के उद्देश्य से समिति की ओर से ईदगाह पर विशेष इंतजाम किए गए थे। वहां से गुजरने वाले सभी नमाजियों का समिति सदस्यों द्वारा पुष्प वर्षा (फूलों की बारिश) कर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके साथ ही, भीषण गर्मी को देखते हुए नमाजियों और राहगीरों के लिए समिति की तरफ से शीतल एवं शुद्ध पेयजल (ठंडे पानी) की उत्तम व्यवस्था भी की गई। इस दौरान समिति के सदस्यों ने सभी मुस्लिम भाइयों को गले मिलकर ईद की दिली मुबारकबाद पेश की।
इस अवसर पर समिति के संरक्षक जगन्नाथ महावर ने गंगा-जमुनी तहजीब को रेखांकित करते हुए कहा कि त्योहार हमें आपस में भाईचारा, प्रेम और मानवता सिखाते हैं। 'हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, आपस में हैं भाई-भाई' की जो कहावत हम बचपन से सुनते आ रहे हैं, उसे हमें अपने आचरण में भी उतारना चाहिए। समाज की तरक्की के लिए हम सभी को आपस में इसी तरह मिलजुल कर और मोहब्बत के साथ रहना चाहिए।
इस गौरवमयी और सौहार्दपूर्ण आयोजन के दौरान समिति के संरक्षक मदन लाल भारती व जगन्नाथ महावर, महासचिव दिलखुश मीणा, कोषाध्यक्ष धर्मराज मेघवाल, विधि सलाहकार अनूप कुमार मेघवाल तथा उपाध्यक्ष गजेंद्र शांत सहित समिति के अनेक गणमान्य पदाधिकारी, सदस्य और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।


