कैथवाड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, तीन शातिर ठग रंगे हाथों गिरफ्तार
कैथवाड़ा (डीग) जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कैथवाड़ा थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय एक अंतरराज्यीय ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर साइबर ठगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में संदिग्ध डिजिटल उपकरण और मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका उपयोग ये निर्दोष लोगों को ठगने के लिए किया करते थे।
- मुखबिर की सूचना पर जंगल में दबिश:
थानाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम जब क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर गश्त पर थी, उसी दौरान विश्वसनीय मुखबिर से एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि सहडुगर जाने वाले कच्चे रास्ते पर स्थित जंगल घघवाड़ी में कुछ युवक मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन धोखाधड़ी और देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को ठगने की योजना बना रहे हैं।
सूचना की गंभीरता और सटीकता को देखते हुए पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए तत्काल प्रभाव से बताए गए स्थान पर दबिश दी। मौके पर पुलिस टीम को चार युवक संदिग्ध अवस्था में मोबाइल फोन चलाते हुए मिले। पुलिस की अचानक मौजूदगी को देखकर चारों युवकों ने मौके से भागने का प्रयास किया, परंतु मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए चारों तरफ से घेराबंदी की और तीन आरोपियों को मौके पर ही धर दबोचा। इस दौरान एक आरोपी घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
- गिरफ्तार एवं फरार आरोपियों की पहचान:
पुलिस गिरफ्त में आए शातिर आरोपियों की पहचान साहिद (उम्र 18 वर्ष) पुत्र जहीर, निवासी अभयपुर; दिलसाद (उम्र 18वर्ष) पुत्र रत्ती, निवासी कैथवाड़ा; सोहिल (उम्र 18वर्ष) पुत्र सहीद, निवासी घघवाड़ी (थाना कैथवाड़ा, जिला डीग) के रूप में की गई है
मौके से फरार हुए चौथे मुख्य आरोपी की पहचान मौहब्बत (उम्र 20 वर्ष) पुत्र सलमु, निवासी तिरवाड़ा (थाना नूँह मेवात, हरियाणा) के रूप में हुई है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
- ठगी का तरीका (मोडस ऑपेरंडी):
प्रारंभिक पूछताछ और जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक अत्यंत संगठित अंतरराज्यीय गिरोह के रूप में काम करते थे। ये शातिर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक और भ्रामक विज्ञापन पोस्ट करते थे, जिसमें बेहद सस्ते दामों पर लेडीज सूट बेचने और आसान किश्तों पर तुरंत लोन दिलाने का प्रलोभन दिया जाता था। जैसे ही कोई आम नागरिक इनके झांसे में आता, ये एडवांस पेमेंट और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
पुलिस अब आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक देश भर में कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है और इनके बैंक खातों में कितनी रकम ट्रांसफर की गई है। आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े कई और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।


