प्राचीन परिक्रमा मार्ग पर परिक्रमार्थियों के लिए सुविधाओं का अभाव, ग्रामीणों ने संभाली व्यवस्था
डीग (नीरज जैन) पुरुषोत्तम मास में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु डीग होकर गुजर रहे हैं। प्रशासनिक सुविधाओं के अभाव के बीच प्राचीन परिक्रमा मार्ग पर नगला खोह के ग्रामवासियों और महादेव ग्रुप नागौर द्वारा जटेरी धाम के महंत विपिन बिहारी दास एवं जड़ खोर धाम के संत तारा बाबा की प्रेरणा से परिक्रमार्थियों के लिए भोजन, जलपान, आश्रय और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि छै मोरा रेलवे लाइन से महमदपुर होते हुए खोह तक जाने वाला यह प्राचीन परिक्रमा मार्ग मुख्य मार्ग की तुलना में 3 से 4 किलोमीटर छोटा और ट्रैफिक रहित है, इसलिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस रास्ते का उपयोग कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से यहां पेयजल, चिकित्सा, विश्राम या सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। मार्ग में स्थित महमदपुर विद्यालय भी परिक्रमार्थियों के लिए नहीं खोला गया है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब दो किलोमीटर रास्ता पथरीला है, जहां गड्ढे और कंटीली झाड़ियां होने से परिक्रमार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से मार्ग की मरम्मत कराने, मिट्टी डलवाने तथा महमदपुर स्कूल में सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।


