चौरीचौरा में ‘विकास बनाम रोजी-रोटी’ की जंग तेज: वाई मॉडल ओवरब्रिज पर दो फाड़ हुए व्यापारी, अंडरपास की भी उठी मांग
चौरीचौरा, (गोरखपुर/ शशि जायसवाल)। भोपा बाजार स्थित रेलवे क्रॉसिंग संख्या 147 बी पर प्रस्तावित वाई मॉडल ओवरब्रिज को लेकर विवाद अब और गहरा गया है। एक तरफ नगर पंचायत अध्यक्ष, भाजपा नेता और व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग हर हाल में वाई मॉडल ओवरब्रिज के निर्माण की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर छोटे दुकानदार अंडरपास की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। पूरे मामले ने अब “विकास बनाम रोजी-रोटी” की बहस को और तेज कर दिया है।
नगर पंचायत अध्यक्ष बोले- हर हाल में बनेगा वाई मॉडल ओवरब्रिज
चौरीचौरा नगर पंचायत अध्यक्ष सन्नी जायसवाल ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घोषित वाई मॉडल ओवरब्रिज हर हाल में बनेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चौरीचौरा के विकास और जाम से मुक्ति के लिए बेहद जरूरी है। गुरुवार शाम मंगल भवन में व्यापारियों और स्थानीय लोगों की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता सन्नी जायसवाल ने की। बैठक के बाद व्यापारियों और समर्थकों ने नगर में जुलूस निकालकर ओवरब्रिज निर्माण के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
बैठक में यह भी तय किया गया कि ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा। व्यापारियों का कहना है कि परियोजना में किसी तरह की देरी क्षेत्र के विकास को प्रभावित करेगी।
भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों का समर्थन
ओवरब्रिज निर्माण को केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान, विधायक सरवन निषाद, भाजपा नेता अनूप जायसवाल और अभिजीत जायसवाल ‘लवी’ ने भी समर्थन दिया है। नेताओं ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि सरकार क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और वाई मॉडल ओवरब्रिज का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा।
भाजपा नेता अनूप जायसवाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने चौरीचौरा को वाई मॉडल ओवरब्रिज की सौगात दी है, लेकिन कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते नक्शे में बदलाव कराने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं संजय वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद अब तक निर्माण शुरू न होना चिंता का विषय है।
दूसरा पक्ष बोला- ओवरब्रिज नहीं, अंडरपास चाहिए
इसी बीच रेलवे गेट संख्या 147 बी के आसपास के छोटे दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने अलग मोर्चा खोल दिया है। दुकानदारों का कहना है कि ओवरब्रिज बनने से बाजार की सैकड़ों दुकानें प्रभावित होंगी और उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा।
दुकानदारों ने रेलवे गेट से विधायक आवास, तहसील मुख्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक प्रदर्शन किया। “एक रेलवे छोटा अंडरपास” की मांग को लेकर नारेबाजी की गई और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य गौतम कुमार, पूर्व प्रधान प्रेम निषाद, प्रमोद जायसवाल, छोटेलाल, मदनलाल भारती, विरेंद्र भारती, रामाशंकर मोदनवाल, धीरज मोदनवाल और अनूप शर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल रहे।
दुकानदारों की दलील
दुकानदारों का कहना है कि यदि ओवरब्रिज बनता है तो वाहन ऊपर से गुजरेंगे और बाजार में ग्राहकों की आवाजाही कम हो जाएगी। इससे आसपास की दुकानें उजड़ सकती हैं। उनका सुझाव है कि छोटा अंडरपास बनाया जाए ताकि ट्रैफिक जाम भी खत्म हो और व्यापार भी सुरक्षित रहे।
क्या है वाई मॉडल ओवरब्रिज?
वाई मॉडल ओवरब्रिज ऐसा पुल होता है जो ‘Y’ आकार में दो या उससे अधिक सड़कों को रेलवे लाइन के ऊपर से जोड़ता है। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होता है और जाम की समस्या से राहत मिलती है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
चौरीचौरा में अब यह मामला केवल ट्रैफिक सुधार का नहीं, बल्कि विकास और आर्थिक अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है। एक पक्ष आधुनिक यातायात व्यवस्था और क्षेत्रीय विकास के लिए ओवरब्रिज को जरूरी बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिए अंडरपास की मांग पर अड़ा हुआ है। अब सबकी निगाहें शासन और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या कोई ऐसा समाधान निकलेगा जिससे विकास का रास्ता भी खुले और गरीब दुकानदारों की आजीविका भी सुरक्षित रह सके।


