एनीमिया उपचार के लिए 17 से शुरू होगा पिंक पखवाड़ा:- डॉ0 बनवारी लाल यादव
गर्भवती व धात्री महिलाओं को मिशन मोड पर लगेगी फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इंजेक्शन, सभी स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों को दिया प्रशिक्षण
थानागाजी (भारत कुमार शर्मा) गर्भवती एवं धात्री महिलाओं में एनीमिया उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग 17 से 30 नवंबर तक विशेष पिंक पखवाड़े का आयोजन करेगा इस दौरान एनीमिक महिलाओं में एनीमिया के उपचार के लिए मिशन मोड पर फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इंजेक्शन लगाया जाएगा अभियान की पूर्व तैयारी की समीक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी थानागाजी डॉ0 बनवारी लाल यादव के निर्देशन में ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन बुधवार प्रात 10:30 बजे पंचायत सभागार थानागाजी में किया गया |
इस दौरान प्रमोद सैनी खंड कार्यक्रम अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी प्रभारी, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी व अन्य कार्मिक मौजूद रहे डॉक्टर बनवारी लाल यादव ने बताया कि प्रचलित आईएफए टैबलेट्स यानी कि आयरन की गोलियों में धीरे-धीरे परिणाम प्राप्त होते हैं कई महिलाओं को कब्ज, पेट, खराब व अवशोषण की कमी जैसी समस्याओं के चलते इसका ज्यादा लाभ भी नहीं हो पता ऐसे में फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इंजेक्शन के जरिए डेढ़ से दो माह में ही तीन से चार ग्राम हीमोग्लोबिन बढ़ सकेगा पिंक पखवाड़ा अभियान को पूरी सक्षम के साथ कार्यान्वित करने और आधिकारिक गर्भवती में धात्री महिलाओं को लाभ देने के निर्देश दिए उन्होंने महिलाओं में एनीमिया की वर्तमान स्थिति एवं गर्भवती महिलाओं व बच्चों पर एनीमिया के दुष्प्रभाव की जानकारी दी बीसीएमओ डॉ0 बनवारी लाल यादव ने बताया कि मध्य में गंभीर एनीमिया यानी की 5 से 9 ग्राम तक हीमोग्लोबिन वाली गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इन्फेक्शन दिया जाएगा अभियान के दौरान आशा सहयोगिनी व महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता एक्टिव मोड पर ऐसे पात्र महिलाओं की सूची तैयार करेगी और उन्हें अस्पताल लेकर आएंगे इस इंजेक्शन का उपयोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा इससे उच्चतर संस्थान पर चिकित्सक की देखरेख में किया जाएगा l
क्या है एफसीएम:- प्रमोद सैनी खंड कार्यक्रम अधिकारी द्वारा बताया गया कि फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इंजेक्शन हीमोग्लोबिन स्तर को तेजी से बढ़ाने में बेहद कारगर इंजेक्शन है इसका उपयोग इंट्रावेनस में ड्रिप द्वारा किया जाता है इस अस्पताल में भर्ती के बिना डे केयर में 15 मिनट में लगा दिया जाता है एक बार एफसीएम की एक डोज में से डेढ़ से दो माह में तीन से चार ग्राम तक हीमोग्लोबिन बढ़ जाता है l


