सांडों का आतंक बाजार में भिड गए दो सांड लोग हुए परेशान
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) आए दिन प्रमुख सड़कों, चौराहों और बाजारों में सांडों की भिड़ंत से राहगीर चोटिल हो जाते हैं । और यातायात बाधित हो रहा है। स्थिति यह हो गई है कि कस्बे का बाजार का हर मुख्य मार्ग जैसे अखाड़ा बन गया है।
आज शनिवार को खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी मालाखेड़ा रोड कार्यालय से लड़ते-लड़ते दो साड तहसील के सामने पुलिस चौकी के सामने होते हुए मेंन बाजार पहुंच गए।आवारा सांडों की लड़ाई आम लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। यहां सांडों और आवारा पशुओ का जमावड़ा देखा जा सकता है।
महिलाएं, बच्चे और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक हो रहे प्रभावित
इन पशुओं की आक्रामकता के कारण दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। कई बार ये सांड एक-दूसरे से भिड़ जाते हैं और उनकी लड़ाई की चपेट में आकर लोग घायल हो जाते हैं। वाहनों को भी नुकसान हो रहा है, वहीं पैदल चलने वाले भी सुरक्षित नहीं हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि जिमेदार अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर नहीं है, जिससे इन पशुओं का जमावड़ा निरंतर बढ़ता जा रहा है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं और आमजन की परेशानी को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि नगरपालिका और संबंधित विभाग इस दिशा में तत्काल ठोस कार्ययोजना बनाएं। कस्बे वासियों की मांग है कि आवारा गोवंश को नियंत्रित करने के ठोस कदम उठाए जाएं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बस स्टैंड, बाजार, सब्जी मार्केट और लगभग हर चौक-चौराहे पर गोवंश की भारी संख्या में उपस्थिति देखी जा रही है। ये न सिर्फ यातायात को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि सब्जी विक्रेताओं और ग्राहकों को भी भारी परेशानी हो रही है।


