यूनेस्को टेम्पल का दो दिवसीय तृतीय पाटोत्सव धूमधाम से हुआ सम्पन्न
सरस्वती पूजन के बाद हजारों लोगों ने मां सरस्वती की वंदना कर लिया आशीर्वाद
ज्ञान, चरित्र और संस्कार का संदेश देती है बसंत पंचमी: माली
भीलवाड़ा : (राजकुमार गोयल) जिला यूनेस्को एसोसिएशन भीलवाड़ा के तत्वावधान में भीलवाड़ा शहर के नजदीक ईरांस स्थित देवछाया विहार कॉलोनी में यूनेस्को टेम्पल परिसर पर बसंत पंचमी महोत्सव एवं सरस्वती मंदिर का दो दिवसीय तृतीय पाटोत्सव समारोह धूमधाम से सम्पन्न हुआ।
यूनेस्को के प्रदेश संयोजक गोपाल लाल माली ने कहा कि ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी से ही बसंत ऋतु का आरंभ माना जाता है। प्रकृति का हर परिवर्तन मनुष्य के जीवन में कुछ परिवर्तन अवश्य ही लाता है। बसंत पंचमी हमें जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का संदेश देता है।
यूनेस्को की प्रवक्ता मधु लोढ़ा ने बताया कि यूनेस्को टेम्पल पर तीसरी बार आयोजित हुए बसंत पंचमी महोत्सव एवं तृतीय पाटोत्सव समारोह में लोगों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। समारोह को बड़ी धूमधाम से मनाते हुए मां सरस्वती की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कर फूलों से सझाया गया। तत्पश्चात् 11:15 बजे जिला यूनेस्को एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मां सरस्वती की विशेष पूजा अर्चनाकर मानव कल्याण की कामना की। वहीं गोपाल लाल माली, जिला यूनेस्को एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित अग्रवाल, सचिव जगदीशचंद्र मुंदडा, संगठन मंत्री कमलेश जाजू, उपाध्यक्ष पुष्पा सुराणा, राजेश आचार्य, अशोक सुवालका, तोताराम माली सहित संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मां सरस्वती की महाआरती की। महाआरती के बाद महाप्रसादी शुरू हुई, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने पुण्य का लाभ उठाया।
इस अवसर पर यूनेस्को के उपाध्यक्ष नंदकिशोर पारीक, विद्यासागर सुराणा, प्रवक्ता मधु लोढा, सकोषाध्यक्ष हरनारायण माली, अशोक काबरा, जुगल किशोर लढा, रामचंद्र मुंदडा, अरविंद अग्रवाल,श्रीमती लता अग्रवाल, सतनारायण शर्मा, एडवोकेट अशोक गट्टानी, राजेश जीनगर, कन्हैयालाल बुलीवाल, मुकेश माली, संपत बुलीवाल, विकिल बंजारा, सहित हजारों की संख्या में लोगों ने महाप्रसादी में शिरकत की।