14 साल बाद जन्म भूमि तखतगढ़ में आए आचार्य रश्मिरत्न सूरीश्वर; जैन धर्म में संतों के आगमन पर भव्य सामैया फागण फेरी यात्रा निकाली
तखतगढ़ (बरकत खान) तखतगढ़ नगर में 14 साल बाद जन्म भूमि तखतगढ़ में आचार्य रश्मिरत्न सूरीश्वर पहुंचे।रश्मिरत्नसूरीश्वर महाराज सहित का 14 साल बाद जन्मभूमि में आगमन पर भव्य सामैया हुआ। पन्यास जितरत्न विजय तपस्वी जिनगुणरत्न विजय मुनि हेमविमलरत्न विजय व बाल्दिया परिवार के कुलदीपक मुनि श्री ज्ञानविमलरत्न विजय एवं प्रवर्तनी श्री पुण्यरेखाश्री के शिष्य साध्वी हितेशरेखाश्रीजी का नगर के पुराना बस स्टेण्ड पर सामैया हुआ। बस स्टैंड से प्रारंभ होकर संतों ने आदेश्वर भगवान सहित देवों के दर्शन किए। ढ़ोल व थाली के साथ नागचौक-जामा मस्जिद मार्ग निवासी चंपालाल बाल्दिया के निवास स्थान पर पगलिए किए। वहां से जैन उपाश्रय नूतन धर्मशाला पहुंचे । वहा जैन आचार्य ने फागणफेरी की शत्रुंजय पट के सामने भाव यात्रा कराई । यात्रा वृतांत में आचार्य ने कहा कि आज के दिन शांब - प्रद्युमन के साढे आठ करोड मुनियो के साथ मोक्ष में जाने के उपलक्ष में शत्रुंजय तीर्थ पहाड़ के ढेबरीये मेले में लाखों लोग पूरे विश्व से जुड़ते हैं। सोमवार को श्री जैन संघ ने तखतगढ नंदन तीन जैनाचार्य श्री पुण्यरत्नसूरीश्वर , श्री यशोरत्नसूरीश्वर , श्री रश्मिरत्नसुरीश्वर के संयम जीवन के अर्धशताब्दी स्वर्ण जयंती निमिते वाजते-गाजते शास्त्रीय सामयिक का आयोजन राजस्थान के इतिहास में पहेली बार किया जा रहा है। दोपहर को चौमासी देववंदन व सायं चौमासी प्रतिक्रमण कराया जाएगा । 3 व4 मार्च को पादरली गांव में जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा श्री गुणरत्नसूरीश्वर गुरुमूर्ति प्रतिष्ठा की जाएगी।इस मौके पर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष डॉ चंदन गांधी,भबूतमल जैन,भरत जैन सहित जैन धर्मावलंबियों ने आशीर्वाद लिया।