सफाईकर्मी की बेटी की शादी में पुलिसकर्मियों ने भरा 1.61 लाख रुपए का मायरा; DSP मेघा गोयल के नेतृत्व में नारायणपुर थाने की अनूठी पहल
नारायणपुर (भारत कुमार शर्मा) अक्सर सख्त और अनुशासित नजर आने वाली खाकी के पीछे एक बेहद संवेदनशील और मानवीय हृदय भी धड़कता है। इसकी एक जीवंत मिसाल कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नारायणपुर पुलिस थाने में देखने को मिली। यहाँ के पुलिसकर्मियों ने न केवल कानून की रक्षा की, बल्कि सामाजिक सरोकार निभाते हुए अपने थाने के सफाई कर्मचारी की बेटी की शादी में 'मायरा' (भात) भरकर इंसानियत का एक अनुपम उदाहरण पेश किया है।
एक परिवार की तरह निभाया फर्ज
नारायणपुर थाने में महिला सफाई कर्मचारी ललिता लंबे समय से अपनी सेवाएँ दे रही है। जब उसकी दो बेटियों की शादी तय हुई, तो आर्थिक तंगहाली के बीच खुशियाँ मनाने की चुनौती थी।
जैसे ही यह बात थाना स्टाफ के संज्ञान में आई, बानसूर डीएसपी मेघा गोयल और थानाधिकारी रोहिताश कुमार के नेतृत्व में पूरे स्टाफ ने एकजुट होकर कैलाश की मदद करने का निर्णय लिया। पुलिसकर्मियों ने आपसी सहयोग से राशि एकत्रित की ताकि अपनी सहकर्मी की बेटी की शादी को यादगार बनाया जा सके।
लाखों का उपहार और भावुक पल
शादी समारोह के दौरान जब खाकी वर्दी पहने पुलिसकर्मी हाथों में मायरे की थाल और उपहार लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे, तो हर कोई दंग रह गया। पुलिसकर्मियों ने सामाजिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए: 1 लाख 61 हजार रुपए की नकद राशि भेंट की।घरेलू उपयोग के विभिन्न सामान और कपड़े उपहार स्वरूप दिए। नवदंपती को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।
अपनी बेटी की शादी में पुलिस के इस बड़े सहयोग को देखकर ललिता और उसका परिवार भावुक हो गया। ललिता ने नम आंखों से कहा कि उसने कभी सोचा भी नहीं था कि थाने का स्टाफ इस तरह उसके परिवार की जिम्मेदारी साझा करेगा।
अधिकारियों का संदेश
इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए बानसूर डीएसपी मेघा गोयल और थानाधिकारी रोहिताश कुमार ने बताया, "ललिता हमारे थाने की महज एक कर्मचारी नहीं, बल्कि हमारे पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा है। एक सहकर्मी के नाते उसकी खुशियों में शामिल होना और उसकी मदद करना हमारी पारिवारिक जिम्मेदारी थी। हम चाहते थे कि उनकी बेटियों की विदाई सम्मानपूर्वक हो।"
क्षेत्र में हो रही सराहना
नारायणपुर पुलिस की इस संवेदनशीलता की पूरे जिले में प्रशंसा हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह के कार्यों से पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम होती है और समाज में आपसी भाईचारे का संदेश जाता है। यह घटना साबित करती है कि यदि मन में सेवा का भाव हो, तो खाकी वर्दी समाज के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बन सकती है।