बारां: खटका स्कूल के 7 शिक्षकों के APO आदेश निरस्त; प्रिंसिपल पर लगे गंभीर आरोप, विभागीय जांच शुरू
बारां जिले के खटका स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल द्वारा 7 शिक्षकों को एपीओ करने का आदेश निरस्त कर दिया गया है। इस आदेश के विरोध में मंगलवार को विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था।
शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी गठित की थी, जिसने बुधवार शाम को मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। अब इस रिपोर्ट पर मुख्यालय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों, छात्रों, ग्रामीणों ने प्रिंसिपल पर लगाए गंभीर आरोप सीडीईओ गेंदालाल रैगर ने बताया कि डीईओ सीताराम गोयल के नेतृत्व में गठित टीम ने खटका स्कूल पहुंचकर शिक्षकों, स्टाफ सदस्यों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में शिक्षकों, छात्रों और ग्रामीणों ने प्रिंसिपल भंवरलाल शर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
आरोप है कि प्रिंसिपल भंवरलाल शर्मा अधिकांश समय स्कूल से अनुपस्थित रहते हैं, लेकिन विभागीय पोर्टल के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कर लेते हैं। उन्होंने अपना आईडी-पासवर्ड किसी अन्य कार्मिक को नहीं दिया, जिससे पूरी व्यवस्था उनके नियंत्रण में रही। शिक्षकों और स्टाफ को दबाव में लेकर उपस्थिति रजिस्टर गंगानगर मंगवाने की भी शिकायत मिली है।
प्रिंसिपल पर गाली-गलौज, मारपीट का आरोप जांच के दौरान कई विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने प्रिंसिपल को स्कूल में कभी-कभार ही देखा है। आरोप यह भी है कि प्रिंसिपल ने स्टाफ को निर्देश दिए थे कि उनकी अनुपस्थिति में निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारियों को कोई भी रिकॉर्ड नहीं दिखाया जाए। इस संबंध में उन्होंने एक आदेश भी जारी कर रखा था।
6 अप्रैल को प्रिंसिपल कुछ साथियों के साथ स्कूल पहुंचे और निरीक्षण के नाम पर फोटो-वीडियो बनाए। आरोप है कि पीईओ क्षेत्र के अन्य स्कूलों के कार्मिकों को रजिस्टर लेकर मीटिंग के नाम पर बुलाया गया और बिना मौके पर गए ही निरीक्षण दर्ज किया गया। जब शिक्षकों ने गंगानगर रिकॉर्ड ले जाने से मना किया, तो उनके साथ गाली-गलौज की गई, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया गया और मारपीट भी की गई।
इस घटना के संबंध में केलवाड़ा थाने में एक परिवाद दर्ज कराया गया था। थानाधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि शिक्षकों की ओर से दिए गए परिवाद की जांच की जा रही है।
यह है पूरा मामला खटका स्कूल में प्रिंसिपल द्वारा 7 शिक्षकों को एपीओ करने के आदेश जारी किए थे। जिसके बाद विद्यार्थियों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने तत्काल 3 सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी पक्षों से बातचीत की और रिपोर्ट तैयार कर सीडीईओ को सौंप दी। फिलहाल, सभी सातों शिक्षकों के एपीओ के आदेश निरस्त कर दिए हैं।
सीडीईओ गेंदालाल रैगर ने बताया कि प्रिंसिपल द्वारा 7 शिक्षकों को अनधिकृत रूप से एपीओ करने के आदेश निरस्त कर दिए हैं। सभी शिक्षकों को यथास्थिति कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी और वहीं से विभागीय जांच सहित आगे की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कई बार उपस्थिति रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसकी रिपोर्ट भी मुख्यालय को भेज दी है।
पहले से विवादों में रहे है भंवरलाल विभागीय सूत्रों के अनुसार भंवरलाल शर्मा पहले भी विवादों में रहे हैं। हनुमानगढ़ और गंगानगर में पोस्टिंग के दौरान उन पर फर्जी लेटरहेड के जरिए अधिकारियों-कर्मचारियों को धमकाने और परेशान करने के आरोप लगे थे। गंगानगर में एसीबीईओ रहते हुए उन्होंने एक व्याख्याता के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाने और बिना अनुमति फर्जी जांच रिपोर्ट भेजकर निलंबन करवाने का आरोप था। इस पर विभाग ने 3 फरवरी 2025 को उन्हें निलंबित कर बीकानेर मुख्यालय किया था। बाद में उनका मुख्यालय शाहाबाद किया। 16 जून 25 को उन्हें खटका स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर लगाया गया, लेकिन इसके बाद भी उनके नियमित रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप लगते रहे।


