पर्यटकों की सेहत से खिलवाड़: टहला के 'बीहड़ रिसोर्ट' में नाश्ते में तैरते मिले कीड़े, पर्यटकों ने जताया भारी आक्रोश, खाद्य सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन मौन
राजगढ़ (अलवर/अनिल गुप्ता)। टहला क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध 'बीहड़ रिसोर्ट' में रविवार सुबह उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब यहां ठहरे पर्यटकों को परोसे गए सुबह के नाश्ते में जिंदा कीड़े तैरते हुए पाए गए। इस घटना से पर्यटकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो गया, जिसके बाद आक्रोशित पर्यटकों ने रिसोर्ट प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और खाद्य गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पर्यटक नीरज यादव अपने साथियों के साथ टहला क्षेत्र में पर्यटन के लिहाज से घूमने आए थे और बीहड़ रिसोर्ट में रुके हुए थे। रविवार सुबह जब उन्होंने रिसोर्ट की कैंटीन से नाश्ता मंगवाया, तो परोसी गई खाद्य सामग्री में कीड़े तैरते दिखाई दिए। दूषित भोजन को देख पर्यटकों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत रिसोर्ट के आला अधिकारियों से की। नाश्ते में कीड़े मिलने की खबर फैलते ही पूरे होटल प्रबंधन और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
मामले के तूल पकड़ने के बाद बीहड़ रिसोर्ट प्रबंधन के प्रतिनिधि वीरेंद्र ने घटना की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने अपनी प्रारंभिक सफाई में कहा कि यह घटना बेहद निंदनीय है और शुरुआती जांच में यह खाना तैयार करने वाले मुख्य शेफ (रसोइए) की घोर लापरवाही का परिणाम लग रही है। प्रबंधन ने मामले की विस्तृत आंतरिक जांच बिठाने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल: टहला जैसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्र में इस प्रकार की वीभत्स लापरवाही ने होटलों और रिसोर्ट्स के दावों और उनकी खाद्य गुणवत्ता व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों का आरोप है कि क्षेत्र के रिसोर्ट्स और ढाबों में कदम-कदम पर मिलावटी, बासी और दूषित खाद्य सामग्री धड़ल्ले से परोसी जा रही है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, क्षेत्र का खाद्य निरीक्षण विभाग, जिम्मेदार अधिकारी और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि आम जनता और पर्यटकों की सेहत की रखवाली करने वाला कोई 'धणी-धोरी' (जिम्मेदार) नहीं है। स्थानीय स्तर पर अब मांग उठने लगी है कि ऐसे रिसोर्ट्स के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।


