श्री गुरूमाया भगत जी आश्रम (पूँछरी का लोठा) पर रामायण पाठ, यज्ञ और जलपान सेवा निरंतर जारी
हलैना (विष्णु मित्तल)। श्री गिरिराज धरण धाम और भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली के समीप, राजस्थान-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित पूंछरी का लोठा के श्री गुरूमाया भगत जी आश्रम पर पुरुषोत्तम मास (मल मास) के पावन अवसर पर विभिन्न धार्मिक एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
श्री गुरूमाया भगत जी भक्त मण्डल एवं सिद्ध पुरुष स्वर्गीय रंगली भगत महाराज के शिष्यों द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सन्त बालक दास महाराज एवं साधू बाबा के पावन सानिध्य में आगामी 15 जून तक चलेगा।
आश्रम में 17 मई से निरंतर रामायण पाठ, यज्ञ और संत समागम चल रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रीय संत बालक दास महाराज ने अपने संदेश में कहा कि पुरुषोत्तम मास में धरती के समस्त प्राणियों को इस भीषण गर्मी से राहत दिलाना सबसे बड़ा पुण्य है। जो भी श्रद्धालु इस दौरान राहगीरों और भक्तों के लिए जलपान, भोजन और विश्राम आदि की सेवा करता है, उसे ईश्वर की कृपा और अति उत्तम फल की प्राप्ति होती है।
भक्त मण्डल के पदाधिकारियों ने बताया कि सिद्ध पुरुष रंगली भगत जी महाराज की इस तपोभूमि पर प्रतिदिन संतों के प्रवचन, भजन-कीर्तन, दीपयज्ञ के साथ-साथ गौवंश सेवा और मूक-बधिर प्राणियों की सेवा भी निस्वार्थ भाव से की जा रही है।
14 जून को महाआयोजन और भंडारा
इस धार्मिक अनुष्ठान के तहत आगामी 14 जून को विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी रूपरेखा निम्न प्रकार है:
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सुबह 10:15 बजे: यज्ञ की पूर्णाहुति।
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सुबह 11:15 बजे: संत सेवा, विशाल भण्डारा एवं जरूरतमंदों की सहायता/सेवा।
आश्रम प्रबंधन और भक्त मंडल ने सभी क्षेत्रीय श्रद्धालुओं से इन धार्मिक और सेवा कार्यक्रमों में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ कमाने की अपील की है।


