भीषण गर्मी और लू से जायद फसलों को बचाने के लिए किसान अपनाएं आधुनिक तकनीक: उद्यान विभाग
खैरथल ( हीरालाल भूरानी) जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण हीट वेव (लू) के कारण जायद फसलों, विशेषकर सब्जियों और बेलदार फसलों पर संकट मंडराने लगा है। अत्यधिक गर्मी के कारण टमाटर, तोरी, मिर्च, तरबूज और खरबूज के पौधों की बढ़वार रुक गई है, फूल झड़ रहे हैं और फलों का आकार छोटा रह गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उद्यान विभाग ने किसानों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है।
उद्यान विभाग खैरथल के उप निदेशक गोपाल लाल मीणा ने बताया कि सब्जियों की खेती के लिए 30 से 35 डिग्री सेल्सियस का तापमान अनुकूल होता है, लेकिन वर्तमान में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार होने से पौधों में परागकण सूख रहे हैं और पत्तियां पीली पड़ रही हैं। उन्होंने किसानों को इस मौसम में फसल को झुलसने से बचाने और लागत कम करने के लिए पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने की सलाह दी है। विभाग द्वारा जारी महत्वपूर्ण सुझाव:-
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ड्रिप इरिगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) अपनाएं: भीषण गर्मी में बार-बार खुला पानी देने से पानी का वाष्पीकरण तेजी से होता है और लागत बढ़ती है। किसान ड्रिप सिस्टम का उपयोग करें ताकि पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचे और नमी बनी रहे।
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सिंचाई का सही समय: फसलों में पानी हमेशा सुबह जल्दी या शाम के समय दें। दोपहर के वक्त सिंचाई करने से पौधों को नुकसान पहुंच सकता है।
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मल्चिंग तकनीक का प्रयोग: खेत में नमी को लंबे समय तक रोकने के लिए प्लास्टिक मल्च या सूखी घास/पुआल की परत बिछाएं। इससे मिट्टी का तापमान नियंत्रित रहेगा और बार-बार पानी देने की आवश्यकता नहीं होगी।
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एंटी-हीट उपाय: संवेदनशील फसलों को सीधी धूप से बचाने के लिए ग्रीन शेड नेट (हरी जाली) का उपयोग करें।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जिले के करीब 472 हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों की खेती प्रभावित हो रही है। किसान भाई किसी भी प्रकार के तकनीकी मार्गदर्शन या सब्सिडी की जानकारी के लिए तुरंत नजदीकी कृषि पर्यवेक्षक या उद्यान विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।


