अलवर कला कॉलेज में छात्रों का उग्र प्रदर्शन; हाजिरी लगाकर गायब होने वाले प्रोफेसरों के खिलाफ खोला मोर्चा, छात्रों ने प्रिंसिपल को घेरा,
अलवर (राजस्थान) बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय में बुधवार को शैक्षणिक अराजकता और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से नाराज छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने कॉलेज के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर जबरदस्त प्रदर्शन किया और प्रिंसिपल अशोक आर्य का घेराव किया। आक्रोशित छात्रों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कॉलेज के हालात जल्द नहीं सुधरे, तो वे आत्मदाह और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- हाजिरी लगाकर रफूचक्कर हो जाता है आधा स्टाफ: छात्र
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र विजय यादव व अन्य छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज का आधा स्टाफ सुबह केवल रजिस्टर में हाजिरी लगाने आता है और उसके तुरंत बाद चुपके से अपने घर या निजी कामों के लिए निकल जाता है।
प्रोफेसरों के गायब रहने से कक्षाएं पूरी तरह ठप हैं और पढ़ाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। छात्रों का कहना है कि सरकारी कॉलेज में पढ़ाई न होने के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों को मजबूरन भारी-भरकम फीस देकर बाहर कोचिंग सेंटरों की शरण लेनी पड़ रही है।
- कॉलेज में गंदगी का अंबार, पीने के पानी का संकट
छात्रों ने कॉलेज परिसर की दुर्दशा को उजागर करते हुए बताया कि कॉलेज के टॉयलेट इस कदर बदबूदार और गंदे हैं कि वहां खड़ा होना भी मुश्किल है। इसके अलावा कैंपस में पीने के साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी भारी किल्लत है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुध लेने वाला नहीं है। आक्रोशित छात्रों ने यह तक कह दिया कि यदि व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं तो वे स्टाफ की गाड़ियों के शीशे तोड़ देंगे।
- प्रिंसिपल ने दिया जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन
हंगामे और छात्रों के तीखे तेवरों को देखते हुए कॉलेज के प्रिंसिपल अशोक आर्य ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से समझाइश की। उन्होंने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए कहा, "छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। हम इस मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच कराएंगे कि कौन सा स्टाफ ड्यूटी समय में हाजिरी लगाकर गायब होता है। कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था और साफ-सफाई में जल्द से जल्द कड़े सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।"
छात्रों ने दो टूक कहा है कि वे केवल खोखले आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे, यदि धरातल पर जल्द सुधार नहीं दिखा तो कॉलेज प्रशासन बड़े आंदोलन का सामना करने के लिए तैयार रहे।


