वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 जल स्रोतों की सफाई के लिए जिलेभर में जुटा कारवां
भरतपुर (कौशलेंद्र दत्तात्रेय) , 29 मई। जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाऐ जा रहे वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत शुक्रवार को जिले की 252 ग्राम पंचायतों में हजारों महिलाओं-पुरूषों ने भागीदारी निभाकर जल स्रोतों, पोखरों, तालाबों में श्रमदान के माध्यम से साफ-सफाई अभियान चलाकर जल स्रोतों से प्लस्टिक एवं अन्य कचरे का निस्तारण किया गया है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मृदुल सिंह ने बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान अंतर्गत 5 जून 2026 तक जिलेभर में जल संरक्षण, स्वच्छता एवं जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि सभी जल स्रोतों पर स्थानीय नागरिकों के सहयोग से साफ-सफाई अभियान चलाया गया जिसमें प्लस्टिक कचरे एवं वर्षा जल प्रवाह मार्ग में स्थित कचरे को साफ कर निस्तारित किया गया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों महिला-पुरूष एक साथ जल स्रोतों पर जुटे तथा अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों विभिन्न नागरिक संगठनों के साथ अभियान में भागीदारी निभाकर साफ-सफाई की।
उन्होंने बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान में आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न प्रोफेशनल समूहों को जोड़ा रहा है। अभियान की जागरूकता के लिए विचार गोष्ठियां, श्रमदान कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण हेतु दौड़ तथा पर्यावरण संकल्प जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
आगामी दिनों में यह होंगे कार्यक्रम-
उन्होंने बताया कि 30 मई को मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.1 एव 2.2 के तहत कार्यो का अवलोकन एवं लोकार्पण, 2.2 एवं 3.3 के तहत नवीन कार्यों की स्वीकृति आदि कार्य किए जाएगें। बीज बैंकों में विभिन्न गतिविधियों का क्रियान्वयन तथा मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 के तहत चुने गये गांवों में जल चौपाल आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि 31 मई को ग्राम पंचायत स्तर पर वंदे गंगा प्रभात फेरी, जागरूकता रैली एवं साईकिल रैली का आयोजन किया जाएगा। जल स्रोंतों की साफ-सफाई तथा दीप प्रज्वलन और पशु के लिए पीने के लिए साफ पानी व पक्षियों के परिंडे बांधे के कार्य तथा शहरी रोजगार योजना के अन्तर्गत पौधरोपण की तैयारी की जाएगी। महापुरूषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई के साथ ही प्लास्टिक कचरें का चिन्हित स्थल पर निष्पादन किया जाएगा।
इसी प्रकार 1 जून को स्प्रिंकलर, ड्रिप, फार्म पौंड और पाइपलाइन की स्वीकृति जारी करना। प्राकृतिक, जैविक खेती, प्रीसीजन खेती, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली पर कार्यशाला व प्रदर्शनी, कृषि विज्ञान केन्दों पर प्रगतिशील कृषकों से चर्चा व संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।


