भरतपुर के आरबीएम और जनाना अस्पताल में हड़कंप: 171 प्लेसमेंट एजेंसी कर्मियों की सेवाएं समाप्त, रात को ही शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) भरतपुर के आरबीएम (RBM) और जनाना अस्पताल में शुक्रवार रात उस समय भारी हड़कंप मच गया, जब मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विवेक भारद्वाज द्वारा जारी एक आदेश के बाद प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए कार्यरत 171 नर्सिंग कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस आदेश से आक्रोशित नर्सिंग स्टाफ ने रात को ही काम का बहिष्कार कर दिया और आरबीएम अस्पताल के मुख्य द्वार (मेनगेट) के बाहर धरने पर बैठ गए।
प्रभावित कर्मियों में जनाना अस्पताल की एनआईसीयू (NICU) - पीआईसीयू (PICU) के 91 और आरबीएम अस्पताल की नई बिल्डिंग में तैनात 80 नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं।
- क्यों हटाया जा रहा है स्टाफ?
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विवेक भारद्वाज के अनुसार, राजमेस (RAJMES) द्वारा भर्ती परीक्षा के जरिए राजस्थान कॉन्ट्रक्चुअल हायरिंग सिविल पोस्ट रूल्स 2022 (CSR Rules) के तहत नई नियुक्तियां की गई हैं। इसके तहत भरतपुर मेडिकल कॉलेज को 199 नर्स ग्रेड सेकंड, 7 लैब टेक्नीशियन सहित कुल 209 नए संविदा कर्मी मिले हैं, जिनकी जॉइनिंग की अंतिम तिथि 10 जून है। शुक्रवार को 8 नए कर्मियों ने कार्यभार संभाल भी लिया है। इसी नई भर्ती के कारण पुरानी प्लेसमेंट एजेंसी (लीड गार्ड सर्विसेज) के कर्मियों को हटाया जा रहा है।
- कर्मचारियों का आरोप: सरकार ने वादाखिलाफी की
कार्य बहिष्कार कर रहे प्लेसमेंट एजेंसी के नर्सिंग कर्मियों का आरोप है कि सरकार ने जब नया नियम (हाइरिंग सिविल पोस्ट रूल्स 2022) बनाया था, तब यह भरोसा दिया गया था कि पूर्व से कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसी के नर्सिंग स्टाफ को ही इस नए नियम के तहत संविदा पर समायोजित किया जाएगा। लेकिन अब सरकार उन्हें समायोजित करने के बजाय सीधे नौकरी से हटाकर बेरोजगार कर रही है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है।
- अस्पतालों में छुट्टियां निरस्त, वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू
हड़ताल और कार्य बहिष्कार के कारण मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए अस्पताल प्रशासन तुरंत हरकत में आया। आरबीएम अस्पताल के पीएमओ (PMO) डॉ. नगेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया: "प्लेसमेंट कर्मियों के कार्य बहिष्कार के बाद तुरंत आपातकालीन बैठक बुलाकर सभी वार्ड इंचार्जों को तैनात किया गया है। वर्तमान में कार्यरत स्थाई नर्सिंग स्टाफ की सभी छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों (स्टूडेंट्स) ने भी मोर्चा संभाल लिया है, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू हैं।"
संविदा कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार और प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाए, तो उनका यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।


