लालसोट में अंधड़ और भारी बारिश का तांडव: दो की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त
दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में बीती रात आए अचानक और भीषण अंधड़ तथा मूसलाधार बारिश के कारण भारी तबाही हुई है। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से क्षेत्र में दो अलग-अलग हादसों में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक नागरिक घायल हो गया है। अंधड़ की तीव्र गति के कारण सैकड़ों पेड़ उखड़ गए हैं और विद्युत नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिए गए हैं।
प्रमुख दुर्घटनाएं एवं जनहानि:
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बाढ़ देहलाल गांव: रात लगभग 8 बजे चली तीव्र धूलभरी हवाओं के कारण एक मकान की दीवार ढह गई। मलबे के नीचे दबने से 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला श्रीमती लाडो देवी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना में उनका पुत्र बद्री भी घायल हुआ है, जिसे उपचार हेतु नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से शव को मलबे से बाहर निकाला।
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रायमलपुरा गांव: क्षेत्र के रायमलपुरा गांव में अंधड़ के कारण एक मकान का टीन शेड अचानक उखड़कर गिर गया। इसकी चपेट में आने से युवक घनश्याम मीणा की दुखद मृत्यु हो गई।
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पशुहानि: खारला ढाणी में एक विशाल पीपल का पेड़ गिरने से उसके नीचे दबकर एक भैंस की भी मौत होने की सूचना है।
बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान: अंधड़ की रफ्तार इतनी अधिक थी कि इसने क्षेत्र की विद्युत और परिवहन व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार नुकसान का विवरण इस प्रकार है:
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विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर: क्षेत्र में 100 से अधिक विद्युत पोल धराशायी हो गए हैं और दर्जनों ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
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पेड़ एवं वनस्पति: सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं। कई मुख्य मार्गों और बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने से आवागमन और विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
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जलभराव की स्थिति: पहाड़ी क्षेत्रों से तेज बहाव के साथ आया पानी लालसोट शहर के मुख्य बाजारों और सड़कों पर जमा हो गया, जिससे जनजीवन ठहर सा गया है।
घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें रात से ही मुस्तैद हैं। आपदा प्रबंधन की टीमें सड़कों से पेड़ हटाकर मार्ग सुचारू करने में जुटी हैं। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बुनियादी ढांचे को पहुंचे व्यापक नुकसान को देखते हुए व्यवस्था सामान्य होने में समय लगेगा। प्रभावित ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और शनिवार दोपहर बाद तक आंशिक रूप से विद्युत आपूर्ति बहाल होने की संभावना जताई गई है। मौसम के इस बदलाव से तापमान में गिरावट आने के कारण भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली है, परंतु जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।


