रीवा घटना के विरोध में रामगढ़ जैन समाज ने विधायक को सौंपा ज्ञापन; जैन साधु-संतों के लिए सुरक्षा नीति और प्रोटोकॉल लागू करने की मांग
रामगढ़ (अलवर)। मध्य प्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई अत्यंत दुखद और निंदनीय घटना के विरोध में आज सकल जैन समाज रामगढ़ के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक जनसेवा केंद्र पर पहुंचकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। समाज के प्रतिनिधियों ने रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा अलवर सांसद भूपेंद्र यादव के नाम का ज्ञापन भी विधायक को प्रेषित किया गया।
ज्ञापन के माध्यम से जैन समाज ने देश और राज्य में आए दिन जैन साधु-संतों के साथ होने वाली अनहोनी और असामाजिक तत्वों द्वारा पैदल विहार के दौरान जानबूझकर की जा रही हिंसा व हत्या के मामलों पर गहरी चिंता जताई। समाज ने हाल ही में रीवा में हुई घटना की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध त्वरित व कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की।
- देशभर के जैन समाज में गहरा आक्रोश और चिंता:
जैन समाज के प्रवक्ता मोहित जैन एवं अजीत जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि इस अमानवीय घटना से देशभर के जैन समाज में गहरा आक्रोश और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। संपूर्ण समाज इस मामले में त्वरित न्याय की अपेक्षा रखता है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि रीवा मामले के सभी तथ्यों को अविलंब सार्वजनिक किया जाए और जांच में किसी भी प्रकार की शिथिलता या ढिलाई न बरती जाए। दोषियों को ऐसी कड़ी सजा मिलनी चाहिए जो भविष्य में ऐसी कायरतापूर्ण घटनाओं के लिए एक नजीर बने।
- सुरक्षा नीति और प्रोटोकॉल लागू करने की मांग:
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र और राज्य सरकार से विशेष आग्रह किया है कि अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले जैन साधु-संतों के पैदल विहार को सुरक्षित बनाने के लिए एक विशेष "सुरक्षा नीति" लागू की जाए। सरकारों को संतों के विहार के दौरान सुरक्षा का एक निश्चित प्रोटोकॉल तय करना चाहिए, ताकि भविष्य में देश के किसी भी हिस्से में ऐसी किसी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
इस अवसर पर जैन समाज की ओर से अजीत जैन, मोहित जैन, संभव जैन, मेहुल जैन, मृदुल जैन और योगेश जैन सहित समाज के कई गणमान्य नागरिक एवं युवा उपस्थित रहे।


