टोल प्लाजा पर बदहाली का शिकार शौचालय; उखड़ा बिजली बोर्ड और नंगे तार दे रहे हादसे को न्योता, खुले में शौच को मजबूर हैं चालक-कंडक्टर
गुरला (भीलवाड़ा) | बद्री लाल माली 14 जुलाई 2026
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर को सुगम बनाने के लिए जनता से जेब खोलकर टोल वसूला जाता है, लेकिन बदले में मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं बेहद शर्मनाक और जानलेवा हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मुजरास टोल प्लाजा का शौचालय इसका जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। यहाँ यात्रियों और चालकों की सुविधा के लिए बना शौचालय प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी के कारण 'मौत का कुआँ' बन चुका है, जिससे आक्रोशित वाहन चालकों का अब सब्र का बांध टूट रहा है।
भीतर का नजारा देखकर कांप जाएगी रूह
शौचालय के अंदर कदम रखते ही बदहाली और गंदगी की जो तस्वीर सामने आती है, वह रोंगटे खड़े करने वाली है। चारों तरफ फैला कचरा, गंदगी से पटे पड़े वॉश बेसिन और जाम पड़ी सीटें इस बात का गवाह हैं कि मेंटेनेंस के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है। फर्श पर पानी भरा हुआ है, और सबसे खतरनाक बात यह है कि दीवार से बिजली का बोर्ड उखड़कर नीचे की तरफ लटक रहा है। खुले और नंगे काले-पीले तार कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। मानसून के इस मौसम में गीले फर्श पर फैले करंट से किसी भी वक्त किसी राहगीर की जान जा सकती है।
ड्राइवरों की जुबानी: "यह टॉयलेट नहीं, सजा है"
हाइवे पर दिन-रात गाड़ियां दौड़ाने वाले बस चालकों ने अपनी इस बेबसी और गुस्से को खुलकर साझा किया:
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दिनेश राव (बस ड्राइवर, गंगापुर-भीलवाड़ा मार्ग):
"हम रोजाना 10 से 12 घंटे गाड़ी चलाते हैं। हमारी गाड़ियों का पूरा टोल कटता है, लेकिन बुनियादी जरूरत के लिए भी हमारे पास कोई जगह नहीं है। इस शौचालय की बदबू से उल्टी आ जाती है। मजबूरी में हमें खुले में झाड़ियों का सहारा लेना पड़ता है।"
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सुरेश पारीक (बस ड्राइवर):
"मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ बाहर की दीवारों की लिपापोती और पेंट कर दिया जाता है। अंदर नल टूटे हैं और सीटें जाम हैं। दीवार से लटकता बिजली का बोर्ड साक्षात् मौत का निमंत्रण है। गीले फर्श पर कब किसे करंट लग जाए, कहा नहीं जा सकता।"
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सतीश रेबारी (बस ड्राइवर):
"रात के समय सफर करने वाली महिला यात्री इस कुव्यवस्था से सबसे ज्यादा पीड़ित होती हैं। उनके लिए हाइवे पर कोई सुरक्षित और साफ टॉयलेट नहीं है। जब हम टोल कर्मियों से शिकायत करते हैं, तो वे गैर-जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहते हैं कि यह हमारा काम नहीं है। अगर बुनियादी सुविधाएं ही नहीं देनी, तो टोल क्यों वसूला जा रहा है?"
एनएचएआई (NHAI) की चुप्पी और ठेकेदार की मौज
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कड़े नियमों के बावजूद मुजरास टोल प्लाजा का ठेकेदार नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। इस संबंध में स्थानीय लोगों और हाइवे उपयोगकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तुरंत जांच करवाई जाए, लटकते बिजली के तारों को दुरुस्त कर शौचालय को साफ-सुथरा बनाया जाए। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो यहाँ कभी भी कोई बड़ा और दर्दनाक हादसा घटित हो सकता है।


