राजस्थान में बदलेगा 'रिवाज़', अन्य राज्यों की तर्ज पर सरकार रिपीट करने के संकल्प के साथ चुनावी मोड में भाजपा
भरतपुर संभाग की संगठनात्मक बैठक में संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने कार्यकर्ताओं को दिया 'वन-लाइन एजेंडा', निष्क्रिय चेहरों की होगी छुट्टी
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राजस्थान में हर पांच साल में राज बदलने के पारंपरिक 'रिवाज़' को तोड़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अभी से कमर कस ली है। भरतपुर में आयोजित भाजपा की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने कार्यकर्ताओं को साफ संदेश देते हुए 'मिशन रिपीट' का मूल मंत्र दिया। बैठक में साफ किया गया कि अब पार्टी का एकमात्र लक्ष्य राजस्थान में दोबारा सरकार बनाना है।
यूपी-गुजरात की तर्ज पर दोहराएंगे सत्ता
बैठक को संबोधित करते हुए संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने कार्यकर्ताओं को एक लाइन का स्पष्ट एजेंडा दिया। उन्होंने कहा: "जिस तरह उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भाजपा ने अपने काम और संगठन के दम पर लगातार सरकारें रिपीट की हैं, ठीक उसी तरह राजस्थान में भी हमें सत्ता में वापसी करनी है। हमारी पूरी कार्यप्रणाली इसी एक लक्ष्य पर केंद्रित होनी चाहिए।"
निष्क्रिय पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज, एक्टिव कार्यकर्ताओं को तरजीह
पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बैठक में संगठन महामंत्री ने स्पष्ट किया कि:
- सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन: जो कार्यकर्ता जमीन पर सक्रिय रहकर जनता के बीच काम कर रहे हैं, उन्हें संगठन में आगे बढ़ाया जाएगा।
- सुस्त चेहरों की छुट्टी: जो पदाधिकारी या कार्यकर्ता निष्क्रिय हैं, उन्हें जल्द ही बदला जाएगा ताकि संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो सके।
कार्यकर्ताओं में बढ़ा जोश: डॉ. शैलेश दिगंबर
बैठक की समाप्ति के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. शैलेश दिगंबर सिंह ने कहा कि संगठन महामंत्री की भरतपुर संभाग में यह पहली बैठक थी, जिससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। उन्होंने कहा, "संगठन महामंत्री ने कार्यकर्ताओं को जीत का जो मूल मंत्र दिया है, उससे संगठन में नई जान आ गई है। हमारा एक ही संकल्प है—अन्य राज्यों की तरह राजस्थान में भी भाजपा की सरकार रिपीट हो, और इसके लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है।"


