जोधपुर मेडिकल प्रशासन का बड़ा खुलासा: उम्मेद और एमजीएच में 5 नहीं, 8 प्रसूताओं की हालत गंभीर; गलत खून चढ़ाने से लेकर किडनी इन्फेक्शन तक के मामले

Jul 19, 2026 - 08:14
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जोधपुर मेडिकल प्रशासन का बड़ा खुलासा: उम्मेद और एमजीएच में 5 नहीं, 8 प्रसूताओं की हालत गंभीर; गलत खून चढ़ाने से लेकर किडनी इन्फेक्शन तक के मामले

जोधपुर / राजस्थान 

मेडिकल प्रशासन के दावों की खुली पोल, 8 प्रसूताओं का चल रहा है इलाज

जोधपुर के मेडिकल प्रशासन द्वारा सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की बिगड़ती तबीयत पर पर्दा डालने की कोशिशों के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। मेडिकल कॉलेज द्वारा जारी ताजा जानकारी के अनुसार, अस्पतालों में 5 नहीं बल्कि कुल 8 प्रसूताओं का गंभीर स्थिति में इलाज चल रहा है। इनमें से 3 प्रसूताओं की किडनी में गंभीर इन्फेक्शन है, जबकि एक प्रसूता को गलत ग्रुप का खून चढ़ाने का बेहद संगीन मामला सामने आया है। वर्तमान में 5 प्रसूताएं उम्मेद हॉस्पिटल में और 3 महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) में भर्ती हैं, जिनमें से कुछ वेंटिलेटर और डायलिसिस सपोर्ट पर हैं।

उम्मेद हॉस्पिटल: वेंटिलेटर और आईसीयू में जंग लड़ रही हैं 5 प्रसूताएं

उम्मेद हॉस्पिटल में भर्ती प्रसूताओं की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है:

  • सरोज (ओसियां): कार्डियक प्रॉब्लम के चलते सिजेरियन डिलीवरी करनी पड़ी। फिलहाल वेंटिलेटर पर हैं; हालत स्थिर होने पर एमआरआई की जाएगी।

  • रेखा (पाली): प्राइवेट अस्पताल से रेफर होकर आईं रेखा को ब्लीडिंग और 'हेल्प सिंड्रोम' की शिकायत है। शुक्रवार को वेंटिलेटर पर रहने के बाद अब वे ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।

  • पूजा (शेरगढ़) व रोशनी (नागौर): पूजा को अत्यधिक ब्लीडिंग और रोशनी को हाई बीपी व उल्टे बच्चे की जटिलता के कारण आईसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।

  • बज्जू (जैतारण): प्लेटलेट्स बेहद कम होने के कारण डब्ल्यूबीसी (WBC) चढ़ाया गया है, अस्पताल प्रशासन डोनर की व्यवस्था में जुटा है।

महात्मा गांधी हॉस्पिटल: गलत खून चढ़ाने और अंग फटने के गंभीर मामले

एमजीएच में भर्ती 3 प्रसूताओं की स्थिति सिस्टम की लापरवाही को बयां कर रही है:

  • धापू की बावड़ी निवासी प्रसूता: एनीमिया के कारण उम्मेद अस्पताल रेफर हुई इस महिला को 12 जुलाई को O पॉजिटिव की जगह B पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिया गया था। तबीयत बिगड़ने पर 13 जुलाई को एमजीएच शिफ्ट किया गया, जहां अब सुधार है।

  • समू (तिंवरी): पिछले 24 दिनों से एमजीएच में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं। 24 जून को फटे हुए गर्भाशय और पेशाब की थैली के साथ अस्पताल लाया गया था। फिलहाल वे वेंटिलेटर पर हैं और डायलिसिस चल रहा है।

  • उषा (बावड़ी): 18 जुलाई को उम्मेद से एमजीएच रेफर किया गया। अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) के कारण इनकी किडनी पर सीधा असर आया है।

जांच और निरीक्षण का दौर: मामले की गंभीरता को देखते हुए संभागीय आयुक्त केएल स्वामी ने उम्मेद अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं का रिव्यू किया। वहीं, एडीएम जवाहर चौधरी और एसडीएम (दक्षिण) पंकज जैन ने भी महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का सघन निरीक्षण किया।

प्रिंसिपल का दावा: संक्रमण केवल तीन को, बाकी को बीपी और तान की शिकायत

इस पूरे मामले पर मचे हड़कंप के बीच मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि केवल महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती तीन प्रसूताओं की किडनी में ही इन्फेक्शन (संक्रमण) की पुष्टि हुई है। वहीं, उम्मेद हॉस्पिटल में उपचाराधीन प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मुख्य कारण डिलीवरी के वक्त बीपी बढ़ना और तान (दौरे) आने की शिकायत होना है। प्रशासन सभी मरीजों को बेहतरीन इलाज देने का दावा कर रहा है।

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