वर्षों से बंद रास्तों पर चला प्रशासन का पीला पंजा, श्मशान व ढाणियों का मार्ग हुआ बहाल; ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
बावड़ी (जोधपुर /मिश्रीलाल लखारा) बावड़ी के मैलाणा गांव में वर्षों से अतिक्रमण के कारण बंद पड़े सार्वजनिक रास्तों पर प्रशासन ने जेसीबी मशीन चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराया। इस कार्रवाई से ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिली और श्मशान घाट सहित ढाणियों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पुनः सुचारु हो गए।
प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान के तहत श्मशान घाट जाने वाले खसरा संख्या 738 के सार्वजनिक रास्ते तथा नहरों की ढाणियों से मैलाणा गांव को जोड़ने वाले मार्ग पर वर्षों से किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि ये रास्ते करीब सौ वर्षों से अवरुद्ध थे, जिससे लोगों को आवागमन के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। सबसे अधिक परेशानी अंतिम संस्कार के समय श्मशान घाट तक पहुंचने में होती थी। बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती थी।
ग्रामीण लंबे समय से इन रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे थे। शिकायतों और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर प्रशासन ने मामले की जांच कर राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के साथ मौके पर कार्रवाई की। जेसीबी मशीन की सहायता से रास्तों पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर दोनों मार्गों को पुनः आमजन के लिए खोल दिया गया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। रास्ते खुलने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताया। अब नहरों की ढाणियों से मैलाणा गांव तक आने-जाने के लिए सीधा रास्ता उपलब्ध हो गया है, वहीं श्मशान घाट तक पहुंच भी पहले की तुलना में आसान हो गई है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बावड़ी तहसीलदार वीरेंद्रसिंह शेखावत, खेड़ापा थानाधिकारी सीआई लाखाराम जाखड़ पुलिस जाब्ते सहित मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा भू-अभिलेख निरीक्षक खेड़ापा भारतसिंह चौधरी, पटवारी मैलाणा पूजा बिश्नोई, पटवारी बनाराम तथा ग्राम विकास अधिकारी अशोक बिश्नोई ने भी कार्रवाई में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मैलाणा में सार्वजनिक भूमि, सरकारी रास्तों और चारागाहों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि आमजन को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके और सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित हो।


