अष्टान्हिका महापर्व पर सिद्धों की आराधना के लिए जयपुर से सम्मेद शिखर जी रवाना हुआ यात्री दल
जयपुर, (कमलेश जैन) जैन धर्म के पवित्र महापर्व अष्टान्हिका (21 से 29 जुलाई) के अवसर पर सिद्धों की विशेष आराधना हेतु जयपुर से सैकड़ों श्रद्धालुओं का एक विशाल यात्री दल झारखंड स्थित जैन धर्म के सर्वोच्च शाश्वत तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर जी के लिए रवाना हुआ। यह दल शनिवार दोपहर 2:30 बजे जयपुर जंक्शन से अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस द्वारा रवाना हुआ। यात्री 19 जुलाई को शिखर जी पहुँचेंगे और 20 जुलाई को मुख्य तीर्थ क्षेत्र की पावन वंदना करेंगे।
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि इस यात्रा के तहत श्रद्धालुओं को दो प्रमुख दलों में विभाजित किया गया है:
- पहला दल: गायत्री नगर (महारानी फार्म) निवासी आलोक-प्रमिला शाह के नेतृत्व में रवाना हुआ है। यह दल 'गुणायतन' में परम पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित होने वाले 'सिद्धचक्र महामंडल विधान' में सम्मिलित होगा।
- दूसरा दल: दुर्गापुरा निवासी अनिल जैन पाटनी (काशीपुरा वाले) के नेतृत्व में गया है। इस दल के प्रतिष्ठाचार्य पं. विमल कुमार जैन (बनेठा वाले) होंगे, जिनकी देखरेख में 'शान्तिसागर धाम' की सिद्ध भूमि पर सिद्धचक्र महामंडल विधान पूजा संपन्न होगी।
जयपुर जंक्शन से रवानगी के समय यात्रियों में भारी उत्साह देखा गया। गायत्री नगर महारानी फार्म मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त मंत्री संजय ठोलिया, पदम झांझरी, सुनील सोगानी और सोनाली ठोलिया आदि पदाधिकारियों ने सभी यात्रियों को माला पहनाकर और तिलक लगाकर मंगलमय यात्रा की कामना के साथ भावभीना विदा किया। यह पूरा यात्री दल आराधना संपन्न कर 1 अगस्त को वापस जयपुर लौटेगा।


