बन्ध बारैठा वन्य जीव अभ्यारण्य से बाहर निकालने की मांग, ग्रामीण बोले- सेंचुरी एरिया से बाहर रखें हमें

भरतपुर। जिले की बयाना तहसील में डांग क्षेत्र की आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों द्वारा उनके इलाके को बन्ध बारैठा वन्य जीव अभ्यारण्य से बाहर निकालने की मांग को लेकर लोक देवता के स्थान बाजना चौक पर पंचायत आयोजित की गई। प्राप्त जानकारी अनुसार ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग द्वारा अभ्यारण क्षेत्र होने की आड़ में उनकी दैनिक गतिविधियों में बाधा डाली जा रही है, जिससे उनका जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। वन विभाग के अधिकारी जंगल में चरने जाने वाले उनके पशुओं को भगा देते हैं। वर्षों से वह अपने मकान निर्माण के लिए पहाड़ियों से पत्थर व ईंधन के लिए लकड़ी आदि लाते रहे हैं लेकिन अब वन विभाग के अधिकारी वन्य जीव अभ्यारण का हवाला देकर पत्थर लाने वाले उनके वाहनों को जब्त कर पेनल्टी लगा रहे हैं, जिससे रोजाना ग्रामीणों और वन विभाग के बीच विवाद के मामले सामने आ रहे हैं। वन विभाग से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि कुछ दबंग लोग फॉरेस्ट एरिया में अवैध खान चलाकर वन संपदा के रूप में सैंड स्टोन का खनन करते हैं। पंचायत करके प्रशासन पर नाजायज दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों की पंचायत सूचना पर बाद में तहसीलदार विनोद कुमार मीणा और नायब तहसीलदार वैशाली धाकड़ सहित गढ़ी बाजना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की समस्या सुनकर उसका समाधान कराए जाने के लिए उच्च अधिकारियों तक उनकी बात पहुंचाने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों द्वारा तहसीलदार को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर उनके इलाके को वन्य जीव अभ्यारण से मुक्त किए जाने की मांग की मांग पूरी नहीं होने पर 10 दिन के बाद जिला कलेक्ट्रेट भरतपुर पहुंचकर धरना प्रदर्शन और घेराव करने की भी चेतावनी दी गई है।
- कोशलेन्द्र दत्तात्रेय






