माता जानकी और भगवान जगन्नाथ वरमाला महोत्सव का हुआ आयोजन बंधे परिणय सूत्र बंधन में
राजगढ़ (अलवर) अनिल गुप्ता
आषाढ़ शुक्ल षष्ठी मंगलवार की देर रात्रि को भगवान जगन्नाथ और माता जानकी परिणय सूत्र में बंधे। इस अलौंकिक विवाह के साक्षी बने हजारो श्रृदालु। कस्बे के गंगाबाग में चल रहे मेले के पॉचवे दिन वरमाला महोत्सव का मौका था। जगन्नाथ जी की रथयात्रा महोत्सव के तहत मंगलवार को माता जानकी और जगन्नाथ जी का पाणिग्रहण संस्कार वैदिक मंत्रोचार के साथ किया गया। मंत्रोचार के बीच विधी विधान के साथ उनको फेरो पर ले जाया गया। जहॉ वरमाला कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। भगवान की अदभुत झांकी को निहारने व एक झलक पाने को श्रृदालुओ का सैलाब उमड़ पड़ा।इससे पहले कस्बे के चौपड बाजार स्थित प्राचीन मंदिर से शाम करीब साढे सात बजे गाजे बाजे के साथ जानकी माता की सवारी गंगाबाग पहुॅची। वहॉ पुष्प वर्षा की गई। भगवान जगन्नाथ के जयकारो से मेला स्थल गूँज उठा। इस पूर्व ठिकाना गंगाबाग पर मंहत पूरणदास व पंडित मदनमोहन शास्त्री पहुचें। जहां मंहत प्रकाश दास ने पुष्प वर्षा कर भगवान की अगवानी की। बारातियो के लिए स्नेह भोज का आयोजन किया गया। जहॉ बडी संख्या मे श्रृद्धालूओ ने प्रसाद ग्रहण किया। गंगाबाग में चल रहे भगवान जगन्नाथ मेले के पांचवे दिन मंगलवार को मेले में कस्बे सहित आसपास के गांव के श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

