अनूठी पहल: जन्मदिन के 'गिफ्ट' से शुरू हुई मुहिम, अब तक 8 हजार बेजुबानों की बुझाई प्यास
पावटा | भीषण गर्मी का दौर शुरू होते ही जहां इंसान बेहाल है, वहीं बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए पानी की बूंद-बूंद जुटाना बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में पावटा की सीमा भंसाली इन बेजुबानों के लिए मसीहा बनकर उभरी हैं। पिछले 6 वर्षों से वे निःशुल्क पानी की कुंडियां बांटकर जीव सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश कर रही हैं।
गिफ्ट में मांगी थीं 'कुंडियां'
इस नेक कार्य की शुरुआत बेहद दिलचस्प रही। सीमा भंसाली ने बताया कि 6 साल पहले उनके पति अभिषेक भंसाली के जन्मदिन पर जब उनसे उपहार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने गहनों या कपड़ों के बजाय पशु-पक्षियों के लिए 50 कुंडियां मांगी। पति पहले तो चौंक गए, लेकिन उद्देश्य जानकर उन्होंने खुशी-खुशी ये कुंडियां लाकर दीं। यहीं से सेवा का यह कारवां शुरू हुआ।
घर बना 'सेवा केंद्र', 40 किमी दूर से आ रहे लोग
आज यह मुहिम इतनी बड़ी हो चुकी है कि अब तक 8,000 से ज्यादा कुंडियां बांटी जा चुकी हैं। सीमा के अनुसार:
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प्रतिदिन 50 से 60 कुंडियां उनके निवास स्थान से निःशुल्क वितरित की जा रही हैं।
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लोग इस सेवा से इतने प्रभावित हैं कि 30 से 40 किलोमीटर दूर से आकर कुंडियां ले जा रहे हैं।
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इस अभियान में उनके ससुर अर्जुनलाल भंसाली, सास सरला भंसाली और बेटे ईशान सहित पूरा परिवार सहयोग कर रहा है।
"हमारा उद्देश्य सिर्फ इतना है कि किसी भी बेजुबान को प्यास के कारण भटकना न पड़े। प्राणी मात्र की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।" — सीमा भंसाली
रोजाना शाम 4 से 6 बजे तक वितरण
सीमा के बेटे ईशान ने बताया कि वितरण व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए समय निर्धारित किया गया है। पावटा स्थित उनके घर से रोजाना शाम 4:00 से 6:00 बजे तक कुंडियां ली जा सकती हैं। सेवाभावी लोग मदद या जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं।


