भारत सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल में 30% तक एथेनॉल मिश्रण (Blending) के लिए नए मानक अधिसूचित

May 20, 2026 - 15:58
 0
भारत सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल में 30% तक एथेनॉल मिश्रण (Blending) के लिए नए मानक अधिसूचित

नई दिल्ली: देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने पेट्रोल में 22 प्रतिशत से लेकर 30 प्रतिशत तक एथेनॉल मिलाने के लिए नए तकनीकी मानकों को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित (Notify) कर दिया है।

इस नए आदेश के तहत अब देश में E22, E25, E27 और E30 ईंधनों के लिए मानक (IS 19850:2026) तय कर दिए गए हैं, जो भविष्य की हरित ईंधन नीति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

सरकार के इस कदम से साफ संकेत मिल रहे हैं कि भारत अब विदेशी कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है. हाल के समय में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण ऊर्जा सुरक्षा बड़ी चिंता बन गई है. इसी को देखते हुए सरकार लंबे समय की योजना पर काम कर रही है.

18 मई को जारी एक अधिसूचना में Bureau of Indian Standards ने नए फ्यूल ब्लेंड के लिए मानक जारी किए हैं. ये नए नियम 15 मई 2026 से लागू हो चुके हैं. अभी देशभर में E20 फ्यूल को लागू किया जा रहा है, जिसमें पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है. सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्टेट बंद है. यही वजह है कि दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई पर दबाव बना हुआ है.

नए नियमों में क्या होगा खास?

नए BIS मानकों में ऐसे इंजन और वाहनों के लिए तकनीकी नियम तय किए गए हैं, जो ज्यादा एथेनॉल वाले पेट्रोल पर चलेंगे. इसमें फ्यूल की गुणवत्ता, ऑक्टेन स्तर, सल्फर सीमा, पानी की मात्रा, वाष्प दबाव, जंग से सुरक्षा और फ्यूल स्थिरता जैसी बातोंं पर जोर दिया है. इन नियमों का मकसद यह तय करना है कि भविष्य में आने वाली फ्लेक्स-फ्यूल और ज्यादा एथेनॉल सपोर्ट करने वाली गाड़ियां सुरक्षित और बेहतर तरीके से काम करें.

एथेनॉल उद्योग ने किया स्वागत

एथेनॉल उद्योग से जुड़े संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है. उनका मानना है कि इससे अतिरिक्त एथेनॉल उत्पादन का इस्तेमाल हो सकेगा और देश में साफ-सुथरी मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा. उद्योग के आंकड़ों के अनुसार भारत की एथेनॉल उत्पादन क्षमता लगभग 2 अरब लीटर तक पहुंच चुकी है, लेकिन तेल कंपनियों की ओर से अभी तक इसकी खरीद करीब 1 अरब लीटर तक ही सीमित रही है.

एथेनॉल उद्योग द्वारा स्वागत और क्षमता विस्तार

देश के एथेनॉल उद्योग और संबंधित संगठनों ने सरकार के इस दूरदर्शी कदम का पुरजोर स्वागत किया है। उद्योग जगत के आंकड़ों के अनुसार, भारत की एथेनॉल उत्पादन क्षमता लगभग 2 अरब लीटर तक पहुंच चुकी है, जबकि तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा अब तक इसकी खरीद लगभग 1 अरब लीटर तक ही सीमित थी। इस नए आदेश के बाद अतिरिक्त एथेनॉल उत्पादन का सही ढंग से उपयोग हो सकेगा और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

देश और अर्थव्यवस्था को होने वाले बड़े लाभ:

  1. विदेशी मुद्रा की बचत: पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ने से कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता घटेगी, जिससे देश के अरबों डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी।

  2. किसानों की आय में वृद्धि: एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और क्षतिग्रस्त अनाजों से होता है। मांग बढ़ने से सीधे तौर पर किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

  3. पर्यावरण संरक्षण: एथेनॉल एक पर्यावरण-अनुकूल और स्वच्छ ईंधन है। इसके उपयोग से वाहनों द्वारा होने वाले हानिकारक कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी, जिससे शहरों को प्रदूषण मुक्त रखने में मदद मिलेगी।

सरकार द्वारा जारी यह अधिसूचना वर्तमान में तकनीकी नियम और मानकों को सुव्यवस्थित करने के लिए है। एथेनॉल की मात्रा 20% से अधिक बढ़ाने पर वाहनों के इंजन और माइलेज पर पड़ने वाले प्रभाव का विस्तृत अध्ययन ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में विशेष रूप से E25 ईंधन पर गहन रिसर्च जारी है, जिसके बाद ही इसका व्यावसायिक रोलआउट चरणों में किया जाएगा।

मुख्य बिंदु और रणनीतिक आवश्यकता:

  • वैश्विक संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा: अमेरिका-ईरान तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) के बंद होने से कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति पर भारी दबाव बना हुआ है। ऐसे भू-राजनीतिक संकट के समय भारत सरकार का यह फैसला घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।

  • मौजूदा E20 योजना से आगे की तैयारी: सरकार वर्तमान में साल 2025-26 तक पूरे देश में 20% एथेनॉल मिश्रण (E20) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तेजी से काम कर रही है। नए अधिसूचना से सरकार ने भविष्य में 30% मिश्रण (E30) तक जाने का कानूनी और तकनीकी आधार तैयार कर लिया है।

  • वाहनों के लिए कड़े तकनीकी नियम: नए BIS मानकों के तहत अधिक एथेनॉल वाले पेट्रोल से चलेंगे वाले वाहनों के लिए ईंधन की गुणवत्ता, ऑक्टेन स्तर, सल्फर सीमा, पानी की मात्रा, वाष्प दबाव, और जंग से सुरक्षा जैसे कड़े नियम तय किए गए हैं, ताकि गाड़ियां पूरी तरह सुरक्षित रहें और इंजन पर बुरा असर न पड़े।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क ll बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी GEXPRESSNEWS54@GMAIL.COM या वाट्सएप पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................ मौजूदा समय में डिजिटल मीडिया की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। आलम तो यह है कि हर कोई डिजिटल मीडिया से जुड़ा रहना चाहता है। लोग देश में हो या फिर विदेश में डिजिटल मीडिया के सहारे लोगों को बेहद कम वक्त में ताजा सूचनायें भी प्राप्त हो जाती है ★ G Express News के लिखने का जज्बा कोई तोड़ नहीं सकता ★ क्योंकि यहां ना जेक चलता ना ही चेक और खबर रुकवाने के लिए ना रिश्तेदार फोन कर सकते औऱ ना ही ओर.... ईमानदार ना रुका ना झुका..... क्योंकि सच आज भी जिंदा है और ईमानदार अधिकारी आज भी हमारे भारत देश में कार्य कर रहे हैं जिनकी वजह से हमारे भारतीय नागरिक सुरक्षित है