अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर जल महल डीग में प्रदर्शनी, प्रतियोगिताएं और सम्मान समारोह आयोजित
डीग (नीरज जैन) अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर सोमवार को जल महल स्थित पीरियड म्यूजियम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जयपुर मंडल की ओर से गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ‘म्यूजियम्स यूनाइटिंग ए डिवाइडेड वर्ल्ड’ थीम पर किया गया, जिसमें इतिहास, संस्कृति और विरासत संरक्षण का संदेश दिया गया।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश की ऐतिहासिक धरोहरें केवल पत्थरों की इमारतें नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों की आस्था, संस्कृति और समृद्ध परंपराओं की जीवंत पहचान हैं। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक इन विरासत स्थलों को देखने आते हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह इन स्मारकों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में अपनी भागीदारी निभाए।
जिला कलेक्टर ने नंद भवन, बहज में हुए उत्खनन कार्यों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। प्रदर्शनी में पुरातात्विक महत्व के अवशेषों और ऐतिहासिक जानकारियों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में उप अधीक्षण पुरातत्वविद गोविंद सिंह मीणा ने संग्रहालयों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध और इतिहास को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। वहीं सहायक अधीक्षण पुरातत्व अभियंता रतन लाल जीतरवाल ने कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों का आभार जताया।
विद्यार्थियों में सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कक्षा 4 से 11 तक के छात्रों के लिए सामान्य ज्ञान एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें डीग के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में किरण कॉन्वेंट चिल्ड्रन एकेडमी के दिव्यांश बंसल ने प्रथम, विकास सीनियर सेकेंडरी स्कूल की कृपा शर्मा ने द्वितीय और माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर के तन्मय जोशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में सेंट मैरी सेकेंडरी स्कूल की आशी सक्सेना प्रथम, विकास सीनियर सेकेंडरी स्कूल की सुरभि शर्मा द्वितीय तथा सेंट मैरी सेकेंडरी स्कूल की पूर्वा शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं।
विजेता विद्यार्थियों को जिला कलेक्टर मयंक मनीष एवं उप अधीक्षण पुरातत्वविद गोविंद सिंह मीणा ने सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में संग्रहालय में संरक्षित प्राचीन धरोहरों और पुरावशेषों पर चर्चा करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।


