दिव्यांग महिला की मददगार बनी जिला कलक्टर की जनसुनवाई
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रयास से भगवानदेई के बायोमैट्रिक सत्यापन हुए संभव
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिला कलक्टर कमर चौधरी की जनसुनवाई में पहुंची 90 प्रतिशत दिव्यांग भगवान देई की दिव्यांग पेंशन सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रयासों से स्वीकृत होकर वर्षों से चली आ रही समस्या का निराकरण हुआ। जिला कलक्टर के निर्देश पर सेवर पंचायत समिति द्वारा भगवान देई के घर जाकर स्वीकृत पेंशन के दस्तावेज सौंपे।
ग्राम पंचायत लुधावई के ग्राम वमनपुरा निवासी भगवान देई ने जिला कलक्टर की नियमित जनसुनवाई में उपस्थित होकर 90 प्रतिशत दिव्यांग होने के बाद भी तकनीकी समस्या के कारण पेंशन स्वीकृत नहीं होने की जानकारी दी। जिला कलक्टर के निर्देश पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की टीम द्वारा सम्पूर्ण दस्तावेजों के साथ जयपुर मुख्यालय से लगातार सम्पर्क में रहकर तकनीकी समस्या को दूर कराया गया। सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत दिव्यांग पेंशन के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से समन्यवय कर आवश्यक दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड़ किया जाकर पेंशन स्वीकृत करवाई गई।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के उप निदेशक पुष्पेन्द्रसिंह कुंतल ने बताया कि आवेदक भगवानदेई ने प्रारंभ में ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन करने का प्रयास किया, किंतु बायोमेट्रिक सत्यापन संभव न होने के कारण आवेदन सबमिट नहीं हो सका। इस पर प्रार्थी को सुझाव दिया गया कि ऐसे दिव्यांग आवेदक, जिनके बायोमेट्रिक कैप्चर संभव नहीं हैं, वे ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित बीडीओ कार्यालय तथा शहरी क्षेत्र में उपखंड अधिकारी कार्यालय में सीधे आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद आवेदक का आवेदन बीडीओ कार्यालय सेवर के माध्यम से करवाया गया। उन्होंने बताया कि आवेदन सबमिट करने पर जनआधार डिटेल को पोर्टल पर नॉट बेलिड बताते हुए एरर का संदेश प्रदर्शित हुआ। इस तकनीकी समस्या के निस्तारण हेतु सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की टीम ने राज्य स्तर पर जनाधार टीम एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान किया गया। इसके उपरांत आवेदक का आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट हो गया और पेंशन प्रमाण पत्र जारी हो गया है।
जिला कलक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तकनीकी समस्या समाधान होने के उपरांत भगवान देई का पेंशन स्वीकृत होने पर पंचायत समिति सेवर को निर्देश दिये कि लाभार्थीं की शारीरिक परेशानी को देखते हुए घर जाकर पेंशन दस्तावेज सौपे जायें। जिला कलक्टर के निर्देश पर पंचायत समिति सेवर के विकास अधिकारी विनय मित्र द्वारा भगवान देई के घर जाकर पेंशन दस्तावेज सौंपे तो आंखों में खुशी के आंसू झलक पडे। अब भगवान देई को घर बैठे उसके सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते में प्रतिमाह दिव्यांग पेंशन मिल सकेगी।
भगवान देई ने कहा कि भला हो सरकार का जिसने मेरे जैसे जरूरतमंद लोगों के लिए जनसुनवाई जैसी व्यवस्था की है। मेरी वर्षों की समस्या जिला कलक्टर की एक जनसुनवाई में दूर हो गई। उसने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।


