उदयपुरवाटी में वृक्षारोपण कर मनाई विनोबा भावे की 130 वीं जयंती
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव)
अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थानीय शाखा के तत्वाधान में खानेश्वर धाम गौ सेवा उपचार केंद्र धनावता में भूदान आंदोलन के प्रणेता एवं सर्वोदय अभियान के उद्घोषक संत विनोबा भावे की 130 वीं जयंती अगाद श्रद्धा भाव के साथ में बनाई गई। गौ सेवा उपचार केंद्र में उपस्थित नागरिकों ने विनोबा भावे के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावे को याद किया। स्थानीय गायत्री परिवार के द्वारा वटवृक्ष एवं पीपल वृक्ष के पेड़ों का विधि विधान के साथ पूजा अर्चन कर गौ सेवा उपचार केंद्र एवं खानेश्वर महादेव मंदिर में वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर समाजसेवी एडवोकेट मोतीलाल सैनी, बद्री प्रसाद तंवर ने भूदान आंदोलन के प्रणेता संत विनोबा भावे के जीवन वृत पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि संत विनोबा भावे ज्ञान, गंगा और गायत्री को सनातन संस्कृति का मुख्य आधार मानते थे। वे आत्म प्रशंसा से कोसों दूर रहते थे। विनोबा भावे 7 से भी अधिक भाषाओं में निपुण थे तथा पूर्ण रूप से गांधीवादी विचारधारा के महान व्यक्तित्व के धनी थे। अवसर पर राधेश्याम सैनी एंड भजन पार्टी तथा गायत्री परिवार के बजरंग लाल सोनी ने पावन भजनों की प्रस्तुति दी। इस आयोजन में अमित जांगिड़, सुरेश कुमार वर्मा, सुनील सैनी, महेश सिंगोदिया, लालचंद सैनी, विश्वास कुमार तंवर, रमादेवी, सावित्री देवी, जयश्री तंवर, डिंपल, देविका, रतनलाल टांक, शाकंभरी कुटुंब के मूलचंद सैनी सहित कई लोग उपस्थित थे।


