'घूमर 2025’राजस्थानी घूमर के साथ ताल से ताल मिला कर चहक उठा लंदन

Sep 21, 2025 - 12:40
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'घूमर 2025’राजस्थानी घूमर के साथ ताल से ताल मिला कर चहक उठा लंदन

झुंझुनू (अरुण कुमार)
राजस्थानी संस्कृति, स्वाद और घूमर की ताल में मदहोश हुआ लंदन । राजस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट UK (RCT UK) का वार्षिक उत्सव "घूमर 2025",  हर बार की तरह यह न केवल यूरोप का सबसे बड़ा राजस्थानी उत्सव रहा, बल्कि एक ऐसा सुरीला संगम रहा जिसने भारतीय संस्कृति, परंपरा और संगीत को जीवंत किया। यह घूमर का भव्य आयोजन 20 सितंबर 2025 को लंदन में किया गया। और इसके संयोजक रहे हनवंत सिंह राजपुरोहित। 

घूमर की ताल पर थिरक उठा लंदन: RCT, UK ने दोहराया शिक्षा का संकल्प। जैसे ही घूमर की धुन बजी, लंदन में संगीत की असली धूम देखने को मिली। अन्य राजस्थानी संगीत और भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों ने समूचे माहौल को पारंपरिक रंगों से भर दिया। टीम कुरजा के संजय मुकंदगढ एवं मनीषा सैनी के  सुरों के जादू ने हेमंत डांगी के की बोर्ड की धुनों के साथ ऐसा धमाकेदार समां बांधा कि क्या प्रवासी और क्या स्थानीय, हर किसी के पांव बरबस ही थिरकने लगे। यह सिर्फ एक सालाना जलसा नहीं था, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने और राजस्थानी संस्कृति का गर्व से उत्सव मनाने और अपने संकल्प को दोहराने का सुअवसर था।

 राजस्थानी लोकगीतों की धुनों पर हजारों लोगों ने "पधारो म्हारे देश" की भावना के साथ ताल मिलाई। भारतीय संगीत और पारंपरिक नृत्यों के संग लंदन मानो राजस्थान बन गया! हर तरफ एक ही नजारा था – घूमर की धुन में  मगन चेहरे, खुशी से झूमते लोग और संस्कृति की झलक । 

हमारे कलाकार क्यों हैं खास:-
इस महोत्सव को चार चांद लगाने आए टीम कुरजा के अंतर्राष्ट्रीय कलाकार संजय मुकंदगढ, मनीषा सैनी एवं अंतर्राष्ट्रीय की बोर्ड प्लेयर हेमंत डांगी। इनके सुरीले जादू से पूरा लंदन सुरमयी शाम के आगोश में भारतीय संगीत की धुन पर ठुमकता नज़र आया। 
इनको खास बनाने वाली बात है कि ये बिना किसी मेहनताने के लालच में यहां आकर शिरकत करतें हैं ताकि जो भी रकम इकट्ठी हो वो शिक्षा के पावन उद्देश्य हेतु काम आ सके। 

जैसा कि नाम से विदित है घूमर नृत्य रहा मुख्य आकर्षण। जिसमें पारंपरिक वेशभूषा में सजे इग्लैंड के हर कोने से आने वाले अतिथियों ने हिस्सा लिया।  इसकी सबसे खूबसूरत बात ये है कि इसमें न केवल प्रवासी राजस्थानी बल्कि अन्य प्रवासी एवं स्थानीय लोगों ने भी बढचढकर हिस्सा लिया । 

पारंपरिक राजस्थानी लोकगीत, घूमर, अन्य राजस्थानी नृत्य, और मजेदार खेलों ने इस शाम को यादगार बनाया। खास बात यह है कि सभी के लिए स्वादिष्ट राजस्थानी खाना उपलब्ध रहा। बच्चों की खेल गतिविधियों व भारतीय स्ट्रीट फूड, हेरिटेज स्टाल्स,  हर उम्र के लोगो के लिए था कुछ खास प्रबंध।  

'घूमर 2025’ को यादगार बनाने के लिए जुटे लगभग 1००० प्रवासी भारतीय व स्थानीय लोग जो सिर्फ लंदन में ही नहीं बल्कि दूरस्थ स्थानों जैसे स्कॉटलैंड, चेस्टर, मैनचेस्टर, स्टेफर्डशर, मैनचेस्टर, बर्मिंघम, कैंब्रिज, ऑक्सफ़ोर्ड, रीडिंग, स्विंडन, बॉर्नमथ, एक्सटेर एवं अन्य शहरों से आए।  

सुर, संस्कृति और परोपकार का संगम -
राजस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट यू के का मक़सद है की देश में कोई भी बालक बालिका संसाधनभाव में शिक्षा से वंचित न रहे फलस्वरूप ये राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले होनहार बच्चो के सपनो को साकार करने के साथ साथ सरकारी पाठशालाओं को भी संसाधन मुहैया करवाते हैं ताकि आधुनिकता की दौड़ में ये मासूम तबका पिछड़ न जाये। हमारे भारत स्थित पार्टनर एन जी ओ SRKPS के पूर्ण सहयोग से हमारे लिए जरुरतमंद बच्चों एवं विद्यालयों तक जरूरी संसाधन पहुंचाना संभव हो पाता है। शिक्षा प्रसार के पावन यज्ञ की आहूति में उनके प्रयासों के हम तहेदिल से आभारी हैं। 
इस इवेंट के जरिए जुटाई गई सहायता राशि इन बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मदद करेगी।
हमारे दानवीर भामाशाहों का हम दिल से शुक्रिया अदा करते हैं जिनके दम से ट्रस्ट की मुहिम अनवरत जारी है और रफ्तार बढ रही है।

ट्रस्ट लगभग 1300 राजकीय विद्यालय का सहयोग कर चुका है जिनमें से 50+ विद्यालय हमारे साथ लगातार जुड़े हैं।  डा. घासल जयपुर स्थित अपने गांव में एक बड़ी लाइब्रेरी और कम्प्यूटर लैब के निर्माण हेतु राशि एकत्रित करने की मुहिम में लगे हैं। 

भामाशाहों का सम्मान और स्वाद का अनूठा संगम:-
RCT UK ने इस नेक पहल में स्पोंसर्स के रूप में सहयोग देने वाले SBI UK, वन फाइनेंशियल्स, केतराज और नारा सोलिसिटर्स हैं। और हमारे डोनर्स को विशेष रूप से सम्मानित किया - हमारे भामाशाह हैं - डा. रामचंद्र घासल, बबिता चाहर, बिंदु चौधरी, राजेंद्र कडवासरा, अमित कुमार। इन संगठनों एवं व्यक्तियों के समर्थन ने इस उत्सव को एक सामाजिक आंदोलन में बदल दिया, जिससे अनगिनत बच्चों की जिंदगी संवर सकेगी।

हनुवंत सिंह राजपुरोहित, की अगुवाई में हुए इस महाकुंभ ने विदेश में भी देशी माहौल का अहसास करवाया।  केतराज रेस्टोरेंट द्वारा परोसे गए दाल-बाटी-चूरमा, खट्टे की सब्जी और पारंपरिक मिठाइयों ने इस रंगारंग महोत्सव को स्वाद का भी शानदार अनुभव बना दिया। घूमर की ताल, संगीत की धुनें और परोपकार की भावना के साथ "घूमर 2025" एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय उत्सव बन गया।

राजस्थान भवन, लंदन में:- राजस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट परिवार ने मिलकर राजस्थान भवन बनाने का प्रस्ताव रखा है और इस ओर कदम बढाते हुए प्रथम रूपरेखा तैयार की जा चुकी है। 
राजस्थान भवन लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा,  जहां लंदन जाने वाले राजस्थानी विद्यार्थियों और राजस्थानी पर्यटकों के लिए उचित खर्च पर रहने का अस्थाई बंदोबस्त किया जाएगा, साथ ही राजस्थानी समाज के शादि विवाह जैसे प्रसंग हेतु व्यवस्था होगी, यहां राजस्थानी भाषा और संस्कृति के प्रोत्साहन हेतु विभाग बनेगा एवं इससे होने वाली आय का 10% हिस्सा राजस्थान में जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा हेतु दान दिया जाएगा। 

इस हेतु लंदन में रहने वाले भामाशाहों से भढचढ कर सहयोग का आह्वान किया गया है। "राजस्थानी महफिल, संस्कृति और परोपकार की भावना – यही है घूमर की सच्ची आत्मा!"

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