डॉ भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित एवं आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजनार्न्तगत पंचायत समिति कठूमर में जागरुकता शिविर आयोजित
कठूमर / दिनेश लेखी। डॉ भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित एवं आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजनार्न्तगत पंचायत समिति कठूमर में जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 50 व्यक्तियों ने भाग लिया ।
शिविर में जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र ,अलवर की जिला उद्योग एवं वाणिज्य अधिकारी सुश्री हेलन कुण्डारिया ने योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की। और बताया कि राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को उद्यमिता में भागीदार बनाना और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। साथ ही आवेदक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए और उनकी उम्र 18 वर्ष या अधिक होनी चाहिए। वे राज्य या केंद्र सरकार में कार्यरत नहीं होने चाहिए और उन्हें पहले किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से ऋण में डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, यदि आवेदक फर्म, सहकारी समिति या कंपनी के रूप में आवेदन कर रहा है, तो संस्थान में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों का 51 प्रतिशत या उससे अधिक स्वामित्व होना अनिवार्य है।
मार्जिन मनी अनुदान:- परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अथवा 25 लाख रुपए, जो भी कम हो, ऋण वितरण के उपरांत तीन वर्ष तक उद्यमी के खाते में समायोजित किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया में आवेदकों को आधार कार्ड, फोटो, जाति प्रमाण-पत्र और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इच्छुक उद्यमी आवेदन पत्र जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, अलवर से प्राप्त कर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेजों के साथ इसे कार्यालय में जमा कर सकेंगे।
इस मौके पर जिला उद्योग केन्द्र अलवर के मानवेन्द्र सिंह जादौन उद्योग प्रसार अधिकारी, राहुल सिंघल, ब्लॉक के संबंधित बैंक शाखाओं के प्रतिनिधी एवं पंचायत समिति कठूमर के विकास एईएन उपस्थित रहे।