शाहजहांपुर में डबल मर्डर का सनसनीखेज मामले में 6 आरोपी गिरफ्तार, एसपी बोले - ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा
लंगड़ा कर चलते नजर आए आरोपी, पुलिस ने साइबर ठगी के एंगल से जोड़े थे तार, OLX ऐप के जरिए रची गई साजिश, आरोपियों ने मोबाइल पासवर्ड लेकर निकाले 6 लाख रुपये, शव दो अलग-अलग कुओं से हुए थे बरामद,
शाहजहांपुर ( देवराज मीणा) कोटपूतली बहरोड़ जिले का जहां आज एसपी देवेन्द्र विश्नोई ने शाहजहांपुर और आसपास के इलाकों में कुओं से दो शव मिलने का खुलासा किया है।आपको बता दें कि उस समय शाहजहांपुर क्षेत्र में दहशत सी फैल गई थी जब पुलिस ने दो अलग-अलग गांवों के कुओं से दो शवों को बरामद किया। पुलिस जांच के अनुसार मृतकों की पहचान बलिया (उत्तर प्रदेश) निवासी अशोक सिंह और उनके प्रतिष्ठान पर कार्यरत मिस्त्री विकास कुमार के रूप में हुई थी। अशोक सिंह बलिया में बजाज टू-व्हीलर एजेंसी चलाते थे। उनके भाई आईआरएस अफसर निर्भय नारायण सिंह ने 19 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनका भाई लापता है। अशोक सिंह को जनरेटर की जरूरत थी और उन्होंने ऑनलाइन सर्च के जरिए जयपुर में सस्ते जनरेटर मिलने की जानकारी पाई। इसके बाद वे बिना परिवार को बताए जयपुर चले गए और अपने मिस्त्री विकास कुमार को भी मौके पर बुला लिया। परिवार द्वारा कई बार फोन करने के बावजूद जब संपर्क नहीं हो पाया, तब पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन पहले कोटपूतली और बहरोड़ में मिली, फिर अंत में शाहजहांपुर क्षेत्र में स्थिर हो गई। इसी आधार पर पुलिस ने तलाशी शुरू की।
इसी बीच शाहजहांपुर पुलिस को जौनायचाखुर्द और सांसेडी गांव के कुओं से दुर्गंध आने की सूचना मिली। पुलिस और विशेषज्ञ टीम ने क्रेन की मदद से शव बाहर निकाले। सांसेडी गांव से मिला शव अशोक सिंह का था। जौनायचाखुर्द गांव से मिला शव विकास कुमार का था। दोनों शवों को शाहजहांपुर सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया गया और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। पुलिस ने जांच में खुलासा किया कि हत्या के बाद शव कुओं में फेंके गए थे।
एसपी देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि यह मामला OLX जैसे एप से हुई ठगी से जुड़ा है। एसपी देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि अशोक और विकास को सस्ते जनरेटर देने का झांसा देकर जयपुर बुलाया गया। इसके बाद वहां से आरोपियों ने उन्हें गाड़ी में बैठाया और नारनौल की तरफ घुमाते रहे। जांच में 6 संदिग्धों के नाम सामने आए अजित, राकेश, मंजीत, नरवीर, इंद्रजीत और नितिन। इनमें से 4–5 लोग बहरोड़ सदर इलाके के रहने वाले हैं और एक-दो का क्रिमिनल रिकॉर्ड भी है। आरोपियों ने मृतकों का मोबाइल पासवर्ड लेकर गुरुग्राम के एटीएम से करीब 6 लाख रुपये भी निकाले। साइबर टीम और शाहजहांपुर पुलिस ने मिलकर इस केस की गहन जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन लोगों ने जखराना के पास दोनों युवकों की गला दबा कर हत्या की और उसके बाद करीब 50 किमी दूर ले जा कर शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के दो कुओं में शवों को फेंक दिया।


