शरदपूर्णिमा रत्नत्रय महोत्सव का हुआ शुभारम्भ
अयोध्या (कमलेश जैन) भगवान ऋषभदेव आदि पाँच तीर्थंकरों की जन्मभूमि शाश्वत तीर्थ अयोध्या में गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी के 92वीं जन्मजयंती के शुभ अवसर पर ज्ञानमती माता जी ससंघ के सानिध्य में भगवान ऋषभदेव आदि पाँच तीर्थंकरों की जन्म भूमि शाश्वत तीर्थ अयोध्या में गणिनी प्रमुख सर्वोच्च साध्वी श्री ज्ञानमती माताजी के 74वाँ संयम दिवस के पुनीत अवसर पर शरद पूर्णिमा रत्नत्रय महोत्सव 5अक्टूबर 2025 प्रातः 6 बजे से बडी मूर्ति भगवान ऋषभदेव 31फुट उत्ंग प्रतिमा जी के अभिषेक व शान्तिधारा के साथ शुभारम्भ हुआ।
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने बताया कि प्रमुख शान्ति धारा हसमुख गांधी द्वारा की गयी।सभी मांगलिक क्रियायें पीठाधीष स्वस्ति श्री रवीन्द्र कीर्ति स्वामी जी के निर्देशन में प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन द्वारा करायी गयी। प्रातः 9 बजे बजे से- आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज आचार्य पदारोहण शताब्दी वर्ष के समापन के उपलक्ष्य में शांतिसागर विधान एवं मुनि श्री वीरसागर एवं मुनि श्री नेमिसागर मुनिदीक्षा शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पूजन एवं 2बजे आचार्य शान्ति सागर जी महाराज पर संगोष्ठी की गयी। जिसमें मंगलाचरण पू आर्यिका स्वर्ण मती माताजी ने किया,दीप प्रज्जवलन उत्तर प्रदेश के यशस्वी खाद्य मंत्री सतीश कुमार शर्मा द्वारा किया गया। मंत्री महोदय का स्वागत आयोध्या तीर्थ क्षेत्र कमेटी के मंत्री डा. जीवन प्रकाश व विजय कुमार जैन आदि पदाधिकारियों ने किया।
परम पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञान मती माताजी, प्रज्ञा श्रमणी चन्दनामती माताजी, पीठाधीष स्वस्ति श्री रवीन्द्र कुमार जैन, डा अनुपम जैन इन्दौर, प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन, ने आचार्य श्री के जीवन, कृतित्व व्यक्तित्व पर सारगर्भित प्रकाश डाला, और कहा कि आज दिगम्बर जैन संत परम्परा आचार्य श्री के कारण जीवंत है। रात्रि 7 बजे- महाआरती एवं आचार्य श्री शांतिसागर फिल्म प्रदर्शन हुई।
डा जीवन प्रकाश जैन ने बताया कि आज 6 अक्टूबर ,सोमवार मध्यान्ह 2 बजे- भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी का राष्ट्रीय नैमित्तिक अधिवेशन रात्रि 7 बजे- आरती एवं सांस्कृतिक संध्याआदि कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंच का कुशल संचालन बिजेन्द्र कुमार जैन दिल्ली द्वारा किया।


