तीर्थराज पुष्कर में हुआ सकट गांव के साहित्यकार डॉ. दिनेश कुमार कंडेरा के प्रथम काव्य संग्रह 'खून या पानी' का भव्य विमोचन
सकट (अलवर) सकट गांव निवासी, प्रख्यात कवि एवं साहित्यकार डॉ. दिनेश कुमार कंडेरा के प्रथम काव्य संग्रह 'खून या पानी'का भव्य विमोचन हाल ही में तीर्थराज पुष्कर (अजमेर) में आयोजित एक गरिमामय साहित्यिक समारोह में किया गया। इस अवसर पर देशभर से आए प्रतिष्ठित साहित्यकारों, कवियों एवं कलाकारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर की साहित्यिक पहचान प्रदान की।
डॉ. दिनेश कुमार कंडेरा को साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनका प्रथम काव्य संग्रह 'खून या पानी' सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन जीवन की वास्तविकताओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करता है।
इस समारोह में लाफ्टर चैंपियन सुरेश अलबेला, वरिष्ठ कवि , प्रताप सिंह फौजदार, संजय झाला, सुनील व्यास, विश्वामित्र दाधीच, राजेंद्र गोपाल व्यास, कमल माहेश्वरी, बुद्धि प्रकाश दाधीच, देवकरण मेघवंशी, हाकिम सिंह गुर्जर, संदीप शर्मा (मध्यप्रदेश), ओम उज्जवल, रंजीत सिंह राणा, प्रदीप पंवार, मंजू शाक्य, लक्ष्मण शर्मा, ओम प्रकाश ओझा, लाडली लाड़, हनुमान बादाम, गौतम काला सहित देश के अनेक प्रतिष्ठित कवि, साहित्यकार एवं कलाकार उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पुस्तक का विमोचन करके डॉ. कंडेरा को शुभकामनाएं दीं तथा उनके साहित्यिक योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि 'खून या पानी ' केवल एक काव्य संग्रह नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं को संवेदनशीलता और सशक्त अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण साहित्यिक दस्तावेज है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति साहित्य प्रेमियों के बीच अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगी।
सकट गांव के लिए यह अवसर विशेष गौरव का विषय रहा। क्षेत्र के लोगों ने डॉ. दिनेश कुमार कंडेरा की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात बताया। साहित्य जगत में उनके बढ़ते कदम निश्चित रूप से नई पीढ़ी के रचनाकारों को प्रेरणा देने का कार्य करेंगे।


